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अमरावती. विश्वविद्यालय से संलग्न कॉलेजों, शैक्षणिक संस्थानों को हर साल वार्षिक गुणवत्ता की रिपोर्ट (एक्यूएआर) जमा करना आवश्यक है. लेकिन संत गाडगेबाबा अमरावती यूनिवर्सिटी से संलग्न 405 कॉलेजों में से केवल 50 कॉलेज ही यूनिवर्सिटी को एक्यूएआर भेज रहे हैं. परिणाम स्वरूप विश्वविद्यालय के आई.क्यू.ए.सी विभाग ने कॉलेजों को वार्षिक गुणवत्ता की रिपोर्ट की स्कैन कॉपी भेजने के लिए नोटिस जारी किए हैं.

विवि से संलग्न है 405 महाविद्यालय 

महाराष्ट्र विश्वविद्यालय अधिनियम 2016 की धारा 95 के प्रावधानों के अनुसार, सभी संलग्न कॉलेजों, संस्थानों को वार्षिक गुणवत्ता की रिपोर्ट की एक प्रति विश्वविद्यालय को भेजनी आवश्यक है. साथ ही प्रबंधन परिषद से प्राप्त निर्देशों के अनुसार, कॉलेजों को बेंगलुरु स्थित नैक कार्यालय में जमा करने के बाद 3 महीने के भीतर एक्यूएआर विश्वविद्यालय को जमा करना होगा.  अमरावती विश्वविद्यालय से 405 कॉलेज संलग्न हैं जिनमें से 380 कॉलेज ‘एनएसी’ में शामिल हैं.

केवल 50 कालेज की रिपोर्ट मिली

हालांकि, अब तक मात्र 50 कॉलेजों ने ही एक्यूएआर विवि को सौंपा है. ऐसे में देखा जा सकता है कि उच्च शिक्षा में नियम-कानूनों का पालन किस तरह हो रहा है. अनुदानित महाविद्यालयों, शिक्षण संस्थानों को यूजीसी से अनुदान मिलता है. हालांकि, यूजीसी नियमों को लागू करने में देरी क्यों कर रही है, यह सवाल उठ रहा है.

प्राचार्यों को किया गया है सूचित

कॉलेज या शैक्षणिक संस्था हर साल नैक को एक्यूएआर भेजते हैं. उसी वार्षिक गुणवत्ता की रिपोर्ट की एक प्रति विवि को जमा करना अनिवार्य है. महाराष्ट्र विश्वविद्यालय अधिनियम 2016 की धारा 95 में ऐसा प्रावधान है. इसलिए प्राचार्य, निदेशक को एक्यूएआर भेजने के लिए नोटिस के माध्यम से सूचित किया गया है.

– डॉ. संदीप वाघुले, निदेशक, आई. क्यू.ए.सी. अमरावती विश्वविद्यालय