पीडीएमसी में एमबीबीएस की 50 सीटें बढ़ीं, शिवाजी शिक्षा संस्थाध्यक्ष हर्षवर्धन देशमुख की जानकारी

    अमरावती. शिवाजी शिक्षा संस्था द्वारा संचालित डॉ. पंजाबराव देशमुख स्मृति मेडिकल कॉलेज (पीडीएमसी) को इस शैक्षणिक सत्र से एमबीबीएस की 50 और सीटें बढ़ाकर मिली हैं. जिससे अब पीडीएमसी में एमबीबीएस सीटों की संख्या 100 से बढ़कर 150 हो गई है. साथ ही स्नातकोत्तर के लिए रेडियोलॉजी में तीन सीटें बढने से अब यहां के पीजी सीटों की क्षमता 45 हो गई है. अब डॉ. पंजाबराव देशमुख स्मृति मेडिकल कॉलेज सही मायने में प्रगती पथ पर आगे बढ़ने की बात पूर्व मंत्री व शिवाजी संस्था के अध्यक्ष हर्षवर्धन देशमुख गुरूवार को पत्रवर्ता में कही. 

    भव्य अत्याधुनिक सभागार का निर्माण

    मेडिकल कॉलेज के विकास कार्यों की जानकारी देते हुए हर्षवर्धन देशमुख ने बताया कि महाविद्यालय में भव्य एवं अत्याधुनिक सभागार का निर्माण किया गया है. इस नवनिर्मित सभागार का नाम छत्रपति शिवाजी महाराज आडिटोरियम रखा गया है और 19 फरवरी को छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर इसका उद्घाटन करने की मंशा उन्होंने व्यक्त की. उसी प्रकार संस्था निकट भविष्य में इस कॉलेज और अस्पताल में सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है.

    जिसके तहत सुपर स्पेशियलिटी के लिए आवेदन अगले जुलाई तक किया जाएगा. एक मेडिकल कॉलेज में बाल रोग विभाग में एक नया स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए एक पत्र प्राप्त हुआ है. देशमुख ने यह भी बताया कि महाराष्ट्र स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, नासिक ने कुल दस विषयों में ग्यारह फेलोशिप पाठ्यक्रमों के लिए परीक्षाएं आयोजित की हैं.

    पत्रवार्ता में शिवाजी शिक्षा संस्था के उपाध्यक्ष नरेशचंद्र ठाकरे, डॉ. रामचंद्र शेलके, एड. गजानन पुंडकर, कोषाध्यक्ष दिलीप इंगोले, कार्यकारी परिषद सदस्य हेमंत कालमेघ, प्राचार्य केशव गावंडे, केशव मेटकर, सचिव शेषराव खाड़े, स्वीकृत सदस्य प्राचार्य डॉ. महेंद्र ढोरे, नरेशचंद्र पाटिल, डॉ. पीएस वायाल, डॉ. अमोल महल्ले, मेडिकल कॉलेज के डिन डॉ. पद्माकर सोमवंशी, अधीक्षक डॉ. एटी देशमुख, डॉ. सोमेश्वर निर्मल, डॉ. गणेश पुंडकर, डॉ. उमाले, सोसायटी के प्रचार सचिव डॉ. कुमार बोबड़े सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.

    सभी सेवा सुविधाओं पर जोर 

    पीडीएमसी अस्पताल में अब यूरोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, न्यूरोसर्जरी, पीडियाट्रिक न्यूरोसर्जरी, कार्डियोलॉजिस्ट, एक्यूलोप्लास्टी, रेटिना, रुमेटोलॉजी सर्जरी, नेफ्रोलॉजी (किडनी डिजीज, यूरोलॉजी, डायलिसिस), गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, आदि सुविधाए उपलब्ध है. जिससे मरीजों को नागपुर या किसी अन्य जगह दौड़ने की आवश्यकता नहीं पडेंगी. लेकिन इसके लिए जरूरी है कि लोगों की मानसिकता को बदला जाए. साथ ही संस्था के समस्त स्टाफ के सहयोग से अस्पताल में मरीजों के परिजनों के लिए नि:शुल्क भोजन की व्यवस्था की गयी है.