केवल 5 प्रश काम शेष, समृद्धि महामार्ग की बेसब्री से प्रतीक्षा

    अमरावती. 150 किलो मीटर प्रति घंटा की रफ्तार से नागपुर-मुंबई का अंतर केवल 6 से 8 घंटे में तय करने में सक्षम समृद्धि महामार्ग का निर्माण अंतिम चरण में है. जिले के धामणगांव रेलवे, चांदुर रेलवे और नांदगांव खंडेश्वर तहसीलों से होकर गुजर रहे इस महामार्ग के जिला पैकेज का अब केवल 5 प्रतिशत काम ही शेष रह गया है. नागपुर से शिर्डी तक यह समृद्धि महामार्ग 1 मई 2021 तक शुरू कराने की घोषणा सीएम ने की थी, लेकिन कोरोना लाकडाउन के कारण यह संभव नहीं हो सका.  

    किसानों लगाई टक-टकी 

    विदर्भ को समृद्ध करने में कारगर साबित होने वाले इस समृद्धि महामार्ग का जिला पैकेज 73.367 किलो मीटर का है. जिसकी लागत 2850 करोड़ रुपए है. जिला पैकेज में धामणगांव रेलवे, चांदुर रेलवे और नांदगांव खंडेश्वर तहसीलों के 46 गांवों से यह समृद्धि महामार्ग गुजर रहा है. जिससे इन गांवों के किसानों को अपनी फसल द्रुत गति से मुंबई तक पहुंचाना सहज हो जाएंगा. इस तरह फसल को अच्छी कीमत मिलने की उम्मीद से किसान भी बड़ी बेसब्री से यह महामार्ग खुलने की प्रतीक्षा कर रहे है. 

    केवल फिनिशिंग कार्य बचा

    समृद्धि महामार्ग के अमरावती जिला पैकेज के अंतर्गत 95 प्रतिशत काम निपट चुका है. केवल फिनिशिंग का 5 प्रतिशत काम शेष रह गया है. जो जल्द से जल्द निपटाने के प्रयास है. -संगीता जयस्वाल, प्रोजेक्ट डायरेक्टर