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    अमरावती. राज्य भर के कर्मचारी एसटी कर्मचारियों को राज्य सरकार में विलय करने की मांग को लेकर काफी आक्रामक हो गए हैं. हड़ताल में शामिल जिले के 70 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है. जिसमें से अमरावती डिपो के निलंबित 9 एसटी कर्मचारियों को सहकर्मियों द्वारा गुलदस्ता और माला पहनाकर सम्मानित किया गया. विगत सात दिनों से शुरू हड़ताल के तहत एसटी कर्मी उनकी मांगों पर अडीग हैं. इसलिए सरकार निलंबित करें या सेवा समाप्त करे लेकिन न्याय देने की मांग एसटी कार्यकर्ता मांग कर रहे हैं.

    हड़ताल को सप्ताह पूरा

    एसटी कर्मचारियों की हडताल को एक सप्ताह पूरा हुआ है. इस हड़ताल से आम यात्री परेशान है. राज्य सरकार आंदोलन को दबाने की पूरी कोशिश कर रही है और आंदोलन में शामिल कर्मचारियों को राज्य भर में निलंबित किया जा रहा है. दो दिनों में अमरावती जिले में 70 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है. लेकिन इस निलंबन के बाद भी कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं.

    इसलिए अमरावती मुख्य बस स्टैंड के सामने गांधीगिरी मार्ग से निलंबित किए गए कर्मचारियों का माला व गुलदस्ते से अभिनंदन किया गया. इसलिए अब कर्मचारी मांग कर रहे हैं कि सभी को सस्पेंड किया जाए और सरकार हमें सस्पेंशन पेपर दे. लेकिन जब तक सरकार में विलय नहीं होता, तब तक आंदोलन वापस नहीं लेने पर एसटी कर्मी अडे हुए है.

    न्याय के लिए अंत तक लड़ेंगे

    राज्य भर में एसटी कर्मियों की आत्महत्याओं की संख्या बढ़ी है. लेकिन सरकार, प्रशासन एसटी कर्मचारियों की समस्याओं को समझने को तैयार नहीं है., सांसद, विधायक का वेतन बढ़ाया जा सकता है तो एसटी कर्मचारियों का वेतन क्यों नहीं बढ़ाया जा सकता?. सरकार पूरी निलंबित करें या सेवा समाप्त करे, लेकिन बाकी कर्मचारियों के साथ न्याय होना चाहिए. हमारी लड़ाई न्याय के लिए है. इसलिए जब तक राज्य सरकार में विलय नहीं होगा, लड़ाई जारी रहेगी.- विक्रम सावरकर, निलंबित एसटी कर्मी