इतिहास में पहली बार बदला समय, 4 घंटे पूर्व जन्मेंगे भगवान यीशु

अमरावती. महाराष्ट्र ही नहीं तो समूचे देश में धूमधाम से मनाएं जानेवाला क्रिसमस इस वर्ष कोरोना के चलते सादगी पूर्ण तरीके से कार्यक्रमों का आयोजन कर मनाया जाएगा. इतिहास में पहली बार रात 12 बजे जन्म लेनेवाले भगवान यीशु मसीहा 4 घंटे पूर्व यानी रात 8 बजे ही जन्म लेंगे. कोरोना और प्रशासन के नियमों के चलते 10 बजे तक सभी कार्यक्रम निपटाने का प्रयास किया जाएगा. 

आकर्षक झांकियों का निर्माण

क्रिसमस की तैयारियां अंतिम दौर में है. कोरोना संक्रमण को देखते हुए गिरजाघरों और मुहल्लों में क्रिसमस कैरोल गान छोटे स्तर पर आयोजित किए जा रहे है. प्रभु यीशु के आगमन को लेकर समुदाय के लोग आंतरिक तैयारी में लग गए है. बाहरी तैयारियों में चर्च, घर के अन्य संस्थानों की साफ सफाई, पुष्प लगाना, कैंडल जलाना, क्रिसमट ट्री सजाने की तैयारी की जा रही है.

इर्विन चौक स्थित कैथोलिक चर्च समेत समूचे परिसर को रोशनाई व स्टार्स से सजाया गया. यीशु के जन्म की झांकियां भी बनकर तैयार हो गई है. क्रिसमस के लिए शहर के छोटे बड़े सभी गिरजाघरों की पेटिंग की गई है. इसके साथ ही गिरजाघर के प्रार्थना सभा को भी साजाया जा रहा है. यहां के प्रार्थना सभा में गेट के बाए ओर एक चरनी बनाइ गई है. जहां प्रभु के अवतरण के दर्शन किए जा सकेंगे. 

दर्शन, कैरोल सिंगिग, एकता मंच का कार्यक्रम रद्द 

कोरोना को देखते हुए इस वर्ष कार्यक्रमों में ही बदलाव किया है. लोगों को दर्शन के लिए आने की बजाए घर में रहकर ही प्रार्थना करने की सलाह दी जा रही है. कैरोल सिंगिग का कार्यक्रम भी रद्द किया गया है. मिट नाईट के साथ सावर्जनिक कार्यक्रम और एकता मंच (सभी धर्मगुरुओं) का कार्यक्रम भी रद्द किया गया. 24 दिसंबर की रात 8 बजे मिस्सा बलिदान का पाठ पढ़ा जाएगा. जिसमें फादर रमशीन, फादर ओनील गोनल्साविस, फादर सबैस्टीम आदि शामिल होंगे. संचारबंदी के चलते रात 10 बजे के बाद सार्वजनिक रुप बाहर निकलना मना रहने से कार्यक्रम का आयोजन 10 बजे तक ही किया गया है. 

3 कम्युनिटी जोन बनाएं

सोशल डिस्टसिंग का पालन करने हेतु 3 कम्युनिटी जोन बनाए गए है. उसी तरह यहां पर 25 दिसंबर को दो बार मिस्सा पूजा होगी. इसमें लोग बिना भीड़ के शामिल हो सकेंगे. साथ ही बिना मास्क के विश्वासियों को चर्च में प्रवेश नहीं दिया जाएगा. प्रवेश के पूर्व सैनिटाइजर व थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था भी चर्च की ओर से की गई है. इस वर्ष को आपातकाल मानते हुए घरों में ही पूजा कर प्रभु से संक्रमण खत्म करने और मानवता की रक्षा करने की प्रार्थना करें, ऐसी अपील चर्च द्वारा लोगों से की जा रही है.