कर्मियों की लंबित मांगों के लिए यूनिवर्सिटी, कालेज रहे बंद; एक दिवसीय सांकेतिक आंदोलन

    अमरावती. राज्य सरकार के स्तर पर लंबित विभिन्न मांगों को लेकर संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय सहित राज्य के सभी गैर-कृषि विश्वविद्यालयों और कॉलेज के शिक्षकेतर कर्मचारियों द्वारा आहूत एक दिवसीय सांकेतिक बंद सोमवार को शत-प्रतिशत सफल रहा. इससे राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों का कामकाज प्रभावित हुआ. राज्य में गैर कृषि विश्वविद्यालय एवं संलग्न महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ कृति समिति ने संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय में अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर बैठक की थी. उस बैठक तय किए अनुसार सांकेतिक बंद रखा गया.

    सातवें वेतन का बकाया दें

    राज्य के सभी गैर कृषि विश्वविद्यालयों व वरिष्ठ महाविद्यालयीन शिक्षकों को 7वें वेतन आयोग का 58 माह का बकाया भुगतान करें, गैर कृषि विश्वविद्यालयों में 796 पदों पर तत्काल 7वें वेतन आयोग लागू करें, आयोग की सिफारीश अनुसार 10, 20 व 30 वर्ष सेवा के बाद तीन लाभ की संशोधित योजना लागू करें, रिक्त पदों को तत्काल भरें आदि समेत अनेक मांगों के लिए यह आंदोलन करने की जानकारी विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष अजय देशमुख ने दी है.

    बंद को सफल बनाने के लिए महासंघ के अध्यक्ष अजय देशमुख, अधिकारी फोरम के अध्यक्ष शशिकांत रोड़े, पिछडावर्गीय कर्मचारी महासंघ के डा. नितिन कोली ने सभी कर्मचारियों का शुक्रिया अदा किया है. बंद में संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय शिक्षाकेत्तर कर्मचारी संघ, महाराष्ट्र विश्वविद्यालय अधिकारी मंच, महाराष्ट्र राज्य पिछड़ा वर्ग कर्मचारी संघ, के साथ सभी पांच जिलों के वरिष्ठ कॉलेज कर्मचारी संघों ने भाग लिया.