औरंगाबाद छावनी क्षेत्र में लगेंगे 4 मोबाइल टॉवर, लोगों को मोबाईल रेंज की समस्या से मिलेगी राहत – सीईओ विक्रांत मोरे

    औरंगाबाद. करीब 25 साल पूर्व देशभर में मोबाइल (Mobile) का इस्तेमाल शुरु हुआ। परंतु, औरंगाबाद छावनी वासियों (Aurangabad Cantonment Residents) के क्षेत्र में मोबाइल टावर (Mobile Tower) न होने से आधुनिकता के इस युग में मोबाइल नेटवर्क  की समस्या से त्रस्त थे। छावनी परिषद की आम सभा में कई बार परिसर में मोबाइल टॉवर लगाने का प्रस्ताव रखा गया। लेकिन, सदस्यों ने उसका विरोध कर मोबाइल टॉवर लगाने के प्रस्ताव को पारित नहीं किया।

    इन दिनों छावनी परिषद के लोकल बॉडी की समय सीमा समाप्त होने के चलते बोर्ड  पर प्रशासक नियुक्त है। छावनी के सीईओ विक्रांत मोरे (CEO Vikrant More) और अध्यक्ष बिग्रेडियर उपेन्द्र सिंह आनंद ने मिलकर छावनी क्षेत्र में 4 मोबाइल टॉवर लगाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। छावनी प्रशासक के इस निर्णय से छावनी वासियों में खुशी की लहर दौड़ी है।

    छावनी परिषद के सीईओ विक्रांत मोरे ने बताया कि बीते डेढ़ साल से कोरोना महामारी के चलते ऑनलाईन शिक्षा और वर्क फ्रॉर्म होम को अधिक तरजीह दी जा रही है। छावनी परिसर की जनसंख्या 20 हजार से अधिक है। इस क्षेत्र में मोबाइल टॉवर न होने से लोगों को नेटवर्क की समस्या का सामना बीते कई सालों से करना पड़ रहा था। विशेषकर, ऑनलाईन शिक्षा के बढ़ते प्रसार में स्कूली छात्रों को नेटवर्क में आ रही समस्याओं के चलते शिक्षा हासिल करने में कई दिक्कते निर्माण हो रही थी। नागरिकों और छात्रों की इस समस्या को हल करने के लिए छावनी परिषद प्रशासन ने साल 2018 में आयी एक पॉलिसी के तहत 4 मोबाइल टॉवर लगाने का निर्णय हाल ही में लिया। इस निर्णय पर सीईओ विक्रांत मोरे ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जिस दिन मैंने औरंगाबाद छावनी परिषद का पदभार संभाला था, उसी दिन मैंने यह ठान लिया था कि इस क्षेत्र में मोबाइल टॉवर लगाकर रहूंगा। आज यह मेरा उद्देश्य सफल हुआ है।

    टॉवर वीजन इंडिया को सौंपी गयी टॉवर लगाने की जिम्मेदारी

    सीईओ मोरे ने बताया कि औरंगाबाद छावनी क्षेत्र में स्थित नेहरु चौक, छावनी परिषद मुख्यालय, अहमदनगर नाका, गोलवाडी क्षेत्र में मोबाईल टॉवर लगाए जाएंगे। यह चारों टॉवर देश के नामचीन सभी मोबाईल कंपनियों के रहेंगे। टॉवर लगाने का जिम्मा टॉवर वीजन इंडिया नामक कंपनी को  सौंपा गया है। एक सवाल के जवाब में सीईओ मोरे ने बताया कि टॉवर लगाने के लिए छावनी परिषद प्रशासन ने पुणे के सदन कमांड के प्रधान निदेशक से पत्र  व्यवहार कर परमिशन ली। साथ ही छावनी क्षेत्र में स्थित आर्मी के स्टेशन सेल के बिग्रेडियर उपेन्द्र सिंह आनंद से मोबाइल टॉवर लगाने के लिए एनओसी ली गई। बीते 25 सालों से इस क्षेत्र में मोबाइल टॉवर न होने से मोबाईल धारक रेंज की बड़ी समस्या से त्रस्त थे। प्रशासन के इस निर्णय के बाद छावनी वासियों में खुशी की लहर दौडी है। छावनीवासी बीते कई सालों से परिसर के पडेगांव, बाबा पेट्रोल पंप, बस स्थानक परिसर, मिटमिटा परिसर में लगे मोबाईल टॉवरों पर निर्भर थे। प्रशासक के इस निर्णय पर  नागरिकों ने सीईओ विक्रांत मोरे, बिग्रेडियर उपेन्द्र सिंह आनंद का आभार माना है।