Aditya Thackeray

    औरंगाबाद : बीते एक साल से महानगरपालिका कमिश्नर (Municipal Commissioner) आस्तिक कुमार पांडेय (Aastik Kumar Pandey) की संकल्पना से शहर (City) के किनारे बसी हुई खाम नदी (Kham River) परिसर में हुए विकास कार्यों को देख राज्य के पर्यटन मंत्री (Tourism Minister) आदित्य ठाकरे (Aaditya Thackeray) अचंबित हुए। उन्होंने खाम नदी परिसर में हुए विकास कार्यों पर महानगरपालिका कमिश्नर आस्तिक कुमार पांडेय के कार्यों की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए पूरे राज्य में इस तरह के प्रकल्प के लिए महानगरपालिका कमिश्नर के इस कार्य को रोल मॉडल अपनाने पर जोर दिया।

    गणतंत्र दिवस पर राज्य के पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे के प्रमुख उपस्थिति में खाम नदी के पुनर्जीवन प्रकल्प का लोकार्पण समारोह देर शाम संपन्न हुआ। समारोह के पूर्व आदित्य ठाकरे ने जिले के पालकमंत्री सुभाष देसाई, विधायक अंबादास दानवे, विधायक संजय सिरसाठ, प्रदीप जयसवाल, शिवसेना नेता चन्द्रकांत खैरे, महानगरपालिका कमिश्नर आस्तिक कुमार पांडेय, छावनी परिषद के सीईओ विक्रांत मोरे और महानगरपालिका के आला अधिकारियों के साथ खाम नदी परिसर में हुए विकास कार्यों का परिसर में घूमकर जायजा लिया। तब उन्होंने सरकारी निधि इस्तेमाल किए बिना आस्तिक कुमार पांडेय द्वारा खाम नदी के पुनर्जीवन के लिए किए गए कार्यों पर खुशी जाहिर करते हुए कहा की खाम नदी परिसर में हुए विकास कार्य ऐतिहासिक औरंगाबाद शहर के विकास को चार चांद लगाएंगे। 

    हम ऐसे कार्य फोटोग्राफी में देखते है : आदित्य ठाकरे

    आदित्य ठाकरे ने लोकार्पण समारोह में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, की हम ऐसे कार्य फोटोग्राफी में देखते है। परंतु, आज प्रत्यक्ष रुप से यह नजारा दिखाई दे रहा है। हमने कभी सोचा भी नहीं होगा की, इस तरह के कार्य खाम नदी परिसर में हुए विकास कार्यों को देखने के बाद लग रहा है। इस परिसर के विकास से यह बात साफ हुई है, की ऐतिहासिक औरंगाबाद शहर का शाश्वत विकास हो रहा है। परिसर को विकसित करने के लिए जिन्होंने मेहनत की, उन्हें आज प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। लेकिन, वो लोग इससे कई आगे पहुंच चुके है। 

    खाम नदी पुनर्जीवन के लिए उसी तर्ज पर कार्य हुआ है

    पर्यटन मंत्री ने कहा, की आए दिन शहरों का विस्तार हो रहा है। आज राज्य का 51 प्रतिशत शहरीकरण हुआ है। राज्य के  43 शहरों में साढ़े छह करोड़ से अधिक की संख्या में जनता बसी हुई है। इतना होने के बावजूद शहरों के विकास की ओर अनेदखी की गई। शहरों के विकास के लिए बारिकी से देखभाल करने वाला कोई नहीं था। आदित्य ठाकरे ने खाम नदी पुनर्जीवन प्रकल्प में हुए कार्यों पर बार-बार  प्रसन्नता जताते हुए कहा, की आज अगर शिवसेना प्रमुख बाला साहेब ठाकरे इस दुनिया में होते तो, उन्हें इन कार्यों पर अभिमान होता। आदित्य ठाकरे ने कहा की विश्व की अधिकतर शहरें नदी और समुंद्र के किनारे बसे हुए है। नदी के किनारे बसे शहरों का विकास तेजी से हो सकता है। क्योंकि, वहां खेती हो सकती है, पेयजल आसानी से उपलब्ध होता है। परंतु, जैसे-जैसे  शहर का विस्तार होता है, वैसे-वैसे नदी नाला में परिवर्तित हो जाता है। ठाकरे ने कहा की मैंने कुछ महीने पहले किए औरंगाबाद दौरे में शहर के विकास के लिए बिना सरकारी निधि इस्तेमाल किए एनजीओ और शहरवासियों से विकास कार्यों के लिए मदद की गुहार लगाई थी। आज खाम नदी पुनर्जीवन के लिए उसी तर्ज पर कार्य हुआ है।  

    स्कूल और अस्पताल के 500 किलोमीटर का परिसर साफ-सुथरा रहे 

    आदित्य ठाकरे ने कहा की सरकार ने हर शहर में सेफ स्कूल, सेफ अस्पताल अवधारणा पर काम करने का निर्णय लिया है। जहां स्कूल/कॉलेज और अस्पताल रहेंगे, उस परिसर के फूटपाथ बेहतर रहें, लाईट की व्यवस्था बेहतर रहे, सिटी बस की व्यवस्था रहे, साथ ही स्कूल और अस्पताल के 500 किलोमीटर का परिसर साफ-सुथरा रहे, इस अवधारणा पर सरकार प्राथमिकता से काम करेंगी। उन्होंने महानगरपालिका कमिश्नर आस्तिक कुमार पांडेय के कार्यों की बार-बार प्रशंसा करते हुए कहा की खाम नदी पुनर्जीवन के लिए किए गए कार्यों का प्रेजेंटेशन आपने जिस तरह आज यहां दिखाया। यहीं प्रेजेंटेशन वो राज्य के हर महानगरपालिका कमिश्नर को दिखाए। ताकि, उन राज्य के सभी शहरों में स्थित नदियों के परिसर का इस तरह का विकास हो सके। उन्होंने शहरवासियों से अपील कि की वो खाम नदी परिसर का दौराकर यहां उपलब्ध सुविधा का लाभ उठाए। अंत में पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे ने कहा की वो राज्य के अन्य शहरों में इस तरह के प्रकल्पों पर अमलीजामा पहनाने के लिए काम करेंगे।