औरंगाबाद शहर के सभी सड़कें बदहाल हो चुकी, पालकमंत्री को कांग्रेस ने दिया ज्ञापन

    औरंगाबाद. बीते तीन सप्ताह में शहर में हुई भारी बारिश (Heavy Rain) से बदहाल हुए सड़कें (Roads), ऐतिहासिक महमुद दरवाजे की हुई बदहाल स्थिति, ड्रैनेज योजना पर 300 करोड़ रुपए खर्च करने के बावजूद औरंगाबाद (Aurangabad) के कई सोसाइटियों में  बारिश के दरमियान निर्माण हुई बाढ़ की स्थिति से कांग्रेसियों ने शहराध्यक्ष हिशाम उस्मानी के नेतृत्व में औरंगाबाद दौरे पर आए जिले के पालकमंत्री सुभाष देसाई (Guardian Minister Subhash Desai) से मुलाकात कर उन्हें अवगत कराया।

    कांग्रेसियों ने पालकमंत्री देसाई को एक ज्ञापन सौंपकर शहर में बारिश के दरमियान निर्माण हुई समस्याओं पर चर्चा की। बारिश के चलते शहर के सभी सड़कें बदहाल हो चुकी है। शहरवासी आज भी मूलभूत समस्याओं का सामना कर रहे है। उसके लिए महानगरपालिका जिम्मेदार होने का आरोप कांग्रेसियों ने लगाया। शहराध्यक्ष उस्मानी ने बताया कि कई माह पूर्व महानगरपालिका प्रशासन को ऐतिहासिक पनचक्की के निकट स्थित महेमुद दरवाजे की खस्ताहाल स्थिति से अवगत कराया गया था। इसके बावजूद महानगरपालिका प्रशासन ने ऐतिहासिक दरवाजे की मरम्मत के लिए कोई कदम नहीं उठाया। जब दरवाजे के  एक परिसर का हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ, तब जाकर महानगरपालिका प्रशासन जागा। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि महेमुद दरवाजे के खस्ताहाल के लिए महानगरपालिका  प्रशासन ही जिम्मेदार है।

    विकास कार्यों की जांच के लिए समिति गठित करने की मांग 

    राज्य सरकार ने शहर के विकास के लिए बड़े पैमाने पर निधि उपलब्ध कराया है परंतु उस निधि से होनेवाले कार्य हल्के दर्ज के होते है। ऐसे में उन कार्यों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित करने की मांग कांग्रेसियों ने की। साथ ही शहर में 300 करोड़ से अधिक की राशि खर्च कर भूमिगत ड्रेनेज लाइन बिछायी गयी। इसके बावजूद बारिश में कई  सोसाइटियों में ड्रैनेज का पानी भर गया। इसके लिए भी महानगरपालिका प्रशासन जिम्मेदार होने का आरोप कांग्रेसियों ने लगाया। ज्ञापन देते समय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रकाश मुगदिया, अनुसूचित जाति कांग्रेस के डॉ. अरुण सिरसाठ, सैयद फयाजोद्दीन, मोइन शेख, शेख मुबीन उपस्थित थे।