Aurangabad Municipal Corporation keeps a close watch on 33 people from Britain

    Loading

    औरंगाबाद: औरंगाबाद महानगरपालिका प्रशासन (Aurangabad Municipal Administration) ने स्मार्ट सिटी (Smart City) का हिस्सा अदा करने के लिए 250 करोड़ रुपए का कर्ज (Loan) लेने के प्रयास तेज कर दिए है। सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिय़ा (Central Bank Of India) से ढ़ाई सौ करोड़ रुपए का कर्ज लिया जाएगा। उसके लिए राज्य सरकार से परमिशन (Permission) की जरुरत है। औरंगाबाद महानगरपालिका प्रशासन ने इसका प्रस्ताव राज्य के नगर विकास विभाग के पास पेश किया है। राज्य सरकार ने कर्ज पाने  के लिए औरंगाबाद महानगरपालिका  की ओर से गिरवी रखी जानेवाली  संपत्तियों की सूची और परिसंपत्ति की मूल्यांकन रिपोर्ट मांगी है।

    औरंगाबाद महानगरपालिका के सूत्रों ने बताया कि बैंक से कर्ज पाने के लिए महानगरपालिका को राज्य सरकार के परमिशन की जरुरत है। जिले के पालकमंत्री सुभाष देसाई ने इसके लिए पहल की है। राज्य सरकार से तत्काल परमिशन दिलाने के दृष्टि से महानगरपालिका के कर्ज का प्रस्ताव राज्य  के नगर विकास विभाग के पास भेजा गया है। नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव कार्यालय ने कर्ज प्रस्ताव की छाननी शुरु की है। उसके लिए महानगरपालिका की ओर से कर्ज के लिए गिरवी रखी जानेवाली सभी संपत्तियों की सूची और परिसंपत्तियों के मूल्यांकन कर उसकी  रिपोर्ट मांगी गई है। 

    राज्य सरकार ने मांगी जानकारी

    महानगरपालिका ने नगर विकास विभाग के निर्देश पर  रिपोर्ट सौंपी है। 250 करोड़ रुपए कर्ज क्यों लिया जा रहा है ? इसकी विस्तृत जानकारी भी राज्य सरकार ने मांगी है। नगर विकास विभाग की ओर से कर्ज मंजूरी का प्रस्ताव नगर विकास मंत्री के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है। नगर विकास मंत्री की मंजूरी लेकर महानगरपालिका को कर्ज प्रस्ताव मंजूरी देने का पत्र प्राप्त होगा। आने वाले एक सप्ताह में राज्य सरकार से कर्ज प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की अपेक्षा महानगरपालिका के मुख्य लेखाधिकारी वाहुले ने व्यक्त की।

    स्मार्ट सिटी परियोजना में महानगरपालिका को देना है अपना हिस्सा

    गौरतलब है कि केन्द्र सरकार ने औरंगाबाद को स्मार्ट सिटी परियोजना में शामिल करने के बाद 500 करोड़ का निधि उपलब्ध कराया है। वहीं, इस परियोजना के लिए राज्य सरकार  को अपने हिस्से की 250 करोड़ रुपए की राशि देनी होगी। वहीं महानगरपालिका को 250 करोड़ रुपए का अपना हिस्सा अदा करना है। वर्तमान में महानगरपालिका की आर्थिक स्थिति काफी खराब है। ऐसे में महानगरपालिका कमिश्नर और प्रशासक आस्तिक कुमार पांडेय ने बैंक से 250 करोड़ रुपए का कर्ज लेने का निर्णय लिया है। उसके लिए प्रक्रिया अंतिम चरण पर है।