Aurangabad Municipal Corporation

औरंगाबाद. पिछले 15 सालों से  ऐतिहासिक स्थलों की राजधानी औरंगाबाद (Aurangabad) की पहचान गड्डों के शहर के रुप में पूरे विश्व में हो चुकी थी. यह दाग मिटाने के लिए राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने सड़कों (Roads) के निर्माण के लिए सबसे पहले 25 करोड़ का निधि उपलब्ध कराया था. उसके बाद वर्तमान मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Chief Minister Uddhav Thackeray) ने 152 करोड़ का निधि देने के चलते सड़कों का काम युध्दस्तर पर जारी है. मनपा प्रशासन ने शहर के सभी इलाकों की सड़कें बेहतर बनाने के लिए और 350 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया है. इसमें प्रथम चरण में 50 करोड़ के काम किए जाएंगे. सड़कों के काम करते समय विकास प्रारुप में शामिल सड़कों को प्राथमिकता दी जाएगी. 

मनपा के शहर अभियंता सखाराम पानझडे ने बताया कि वर्तमान में राज्य सरकार ने आरंभ में दिए 125 करोड़ और चालू वर्ष में दिए 152 करोड़ के निधि से कुल 59 उत्कृष्ट सड़क होगी. गत 3 वर्ष में सरकार ने उपलब्ध कराए निधि से 36 सड़कों के काम पूरे  हो चुके है. वर्तमान में 23 सड़कों का  काम प्रगति पथ पर है. 

सड़कों की मरम्मत की जाएगी

शहर अभियंता पानझडे ने बताया कि इन सड़कों के निर्माण के बावजूद मनपा प्रशासन ने शहर के लगभग सभी इलाकों के सड़कों को बेहतर बनाने के लिए और 350 करोड़ रुपए का नया डीपीआर तैयार किया है. इसमें विकास प्रारुप में शामिल सड़कों के अलावा अन्य सड़कें शामिल की गई हैं. जिन इलाकों की सड़कें काफी खराब हो चुकी हैं, उसमें प्रथम चरण में 50 करोड़ रुपए खर्च कर उन सड़कों की मरम्मत की जाएगी. 

राज्य सरकार ने 277 करोड़ का निधि उपलब्ध कराया 

गौरतलब कि शहर के 111 सड़कों के लिए 450 करोड़ का डीपीआर इससे पूर्व तैयार किया गया था, लेकिन वह मोघम था. परंतु नए से  तैयार किया गया डीपीआर सड़कों की संपूर्ण जानकारी पर आधारित है. पुराने डीपीआर में सड़कों के चौडीकरण में बाधा बननेवाले बिजली की खंभे हटाना, ट्रान्सफार्मर हटाना, साईड ड्रैन, डिवाईडर, फुटपाथ, रोड फर्नीचर, जीएसटी और अन्य शुल्क शामिल है. वह डीपीआर तांत्रिक मान्यता के लिए पीब्डल्यूडी को पेश किया गया था. इधर, मनपा की तिजोरी खाली होने से शहर में विकास कार्यों को ब्रेक लगा हुआ है, लेकिन राज्य सरकार ने शहर के सड़कों को बेहतर बनाने के लिए अब तक करीब 277 करोड़ का निधि उपलब्ध कराया है.