Aurangabad Municipal Corporation

    औरंगाबाद. मंगलवार के तड़के से देर शाम तक शहर में गुलाब चक्रवात (Gulab Cyclone) ने तुफान मचाया। तुफान के चलते शहर में करीब 12 घंटे से अधिक समय तक भारी बारिश जारी थी। बारिश के साथ तेज हवाएं भी थी। जिससे शहर में बड़े पैमाने पर पेड़ गिरने और दुकानों और घरों में पानी भरने की घटनाएं घटी।

    मंगलवार की देर रात तूफान का कहर रुकने के बाद महानगरपालिका प्रशासन (Municipal Administration) ने नुकसान की एक रिपोर्ट तैयार की। उस रिपोर्ट में शहर के विविध इलाकों के 122 घरों और दुकानों में पानी घुसा। तेज हवा से पेड़ गिरने की 29 घटनाएं घटी। वहीं, 9 वाहनों का नुकसान हुआ। महानगरपालिका ने गुलाब चक्रवात से हुए नुकसान की रिपोर्ट जारी की और  बताया कि भारी बारिश से सबसे अधिक नुकसान जोन क्रमांक 1 में हुआ। यहां के 53 घरों और दुकानों में पानी भरा।

    इसी परिसर में 17 पेड़ भी गिरे।  बारिश के चलते दिन भर औरंगाबाद में अफरा-तफरी का माहौल था। वहीं, खाम नदी में बाढ़ आने से नदी के किनारे स्थित बस्तियोंं में और निचले परिसरों में स्थित कई इलाकों में पानी भर गया। जोन क्रमांक 1 में 53, जोन 2 में 6, जोन 3 में 5, जोन 4 में 4, जोन 5 और 6 में 11, जोन क्रमांक 8 में 17, जोन क्रमांक 9 में 7 इस तरह कुल 122 स्थानों पर पानी भरा। वहीं, 5 स्थानों पर दीवारे गिरने की घटनाएं भी घटी।

    अग्निशमन विभाग के पास आए 39 रेस्क्यू कॉल

    मंगलवार के तड़के से देर शाम तक शहर में बारिश का कहर जारी था। 12 घंटे से अधिक बारिश का कहर जारी रहने से दिनभर शहर में हाहाकार मचा हुआ था। लोगों ने मदद के लिए 39 कॉल अग्निशमन विभाग को किए। जिसमें कई कॉल रेस्क्यू और पम्पिंग के थे।  गौरतलब  है कि,  मंगलवार के तड़के गुलाब चक्रवात ने शहर में कहर बरपाना शुरु किया। उसके कहर से करीब 12 घंटे लगातार तुफान बारिश जारी था। बारिश के कहर से पेड़ों  और दीवारों का गिरना, सरकारी संपत्ति का नुकसान, सड़को और गलियों में लाईट के खंभों की हुई क्षति के अलावा बस्तियों और कालोनियों में पानी घूसने की कई घटनाएं घटी। उन सभी घटनाओं की एक रिपोर्ट प्रशासन ने तैयार की है।