Big crisis of the country averted due to Jam Trinity scheme, claims Finance Minister Nirmala Sitharaman

    औरंगाबाद. देश की वित्तमंत्री (Finance Minister) निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा कि जमीन स्तर के नागरिकों में साक्षरता का प्रमाण बढ़ने से जनधन योजना (Jan Dhan Yojna) गेम चेंजर साबित हुई है। इस योजना के तहत  जनधन-आधार-मोबाईल लिंकिंग (Jan Dhan-Aadhaar-Mobile Linking) यानी जैम ट्रिनिटी योजना लागू करने से देश में बड़ा संकट भी टला है। 

    देश के वित्त राज्यमंत्री डॉ. भागवत कराड (Dr. Bhagwat Karad) के अध्यक्षता में शहर के पांच सितारा होटल ताज में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक परिषद का आयोजन गुरुवार को किया गया था। परिषद के उदघाटन के अवसर पर  राष्ट्रीकृत बैकों के आला अधिकारियों को  ऑनलाईन संबोधित करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह  बात कही। मंच पर प्रमुख रुप से  केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री डॉ. भागवत कराड, डीएफएस के सहसचिव डॉ. बीके  सिन्हा, इंडियन बैंक एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकिरण राय, एसबीआई के अध्यक्ष दिनेश खारा, पीएनबी के एमडी एस.एस मल्लिकार्जून राव, बीओआई के सीईओ ए.के दास उपस्थित थे। अपने विचार में केंद्रीय अर्थमंत्री निर्मला सीतारमण ने आगे कहा कि जनधन योजना के चलते कोरोना के गंभीर संकट में बड़ी आसानी से लोगों को आर्थिक राहत मिली। उन्होंने वित्त राज्यमंत्री डॉ. कराड द्वारा मराठवाडा के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा भी की। 

    कई योजनाएं वित्त मंत्रालय के अंतर्गत लाई

    इससे पूर्व  बैकिंग क्षेत्र के मंथन परिषद के उदघाटन पर अपने विचार में केंद्रीय वित्त  राज्यमंत्री डॉ. भागवत कराड ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सबका साथ सबका विकास और  सबका विश्वास का नारा देकर आम आदमी को राहत पहुंचाने वाली  कई योजनाएं वित्त मंत्रालय के अंतर्गत लाई। उन योजनाओं का फायदा आम आदमी तक पहुंचाकर मोदी द्वारा देखे गए सपनों को साकार करने के लिए वित्त मंत्रालय काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि साल 2015 में एक अंतरराष्ट्रीय परिषद  संपन्न हुई थी। जिसमें विश्व के 193 देशों ने हिस्सा लिया था। उसमें भारत भी एक देश था। उक्त परिषद में 17 बिंदुओं पर साईन कर भारत देश ने अपनी जिम्मेदारी घोषित की थी। उसके बाद से देश के अंतिम आदमी तक मदद पहुंचाने वाली कई योजनाएं वित्त मंत्रालय के अधिन लाई गई। जिसमें जन धन योजना, मु्रदा लोन योजना आम आदमी और नवयुवकों को अपने व्यवसाय शुरु करने के लिए काफी फायदेमंद साबित होने का दावा केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री डॉ. भागवत कराड ने किया।

    43 करोड़ जनता के खाते बैंक में खोले गए

    डॉ. भागवत कराड ने बताया कि पहले 5 हजार रुपए भरने पर ही बैंक में खाता खोला जाता था। लेकिन, जनधन योजना घोषित  करने के बाद बैंक अधिकारी जनता के पास गए। जगह जगह कैंप लगाकर हर  व्यक्ति का खाता खोला गया। यहीं कारण है कि आज देश के 43 करोड़ जनता के खाते बैंक में खोले गए है। डॉ. कराड ने इस योजना को और  बढ़ावा देने के लिए  111 जिलों में और अधिक कार्य करने की जरुरत पर बल दिया। मुद्रा योजना के लिए केंद्र सरकार ने 50 हजार करोड़ की राशि दी हुई है। मुद्रा लोन  योजना को और अधिक गति देने के लिए बैठक में मंथन हुआ।