बीजेपी ने निकाला हंडा मोर्चा, ठाकरे सरकार पर निशाना साधते हुए फडणवीस ने कहा – ठाकरे सरकार पेयजल की शत्रु है

    औरंगाबाद : राज्य की तत्कालीन बीजेपी सरकार (BJP Government) ने मराठवाड़ा (Marathwada) सहित राज्य के सभी इलाकों की पेयजल (Drinking Water) समस्या हल करने के लिए वॉटर ग्रीड, जलयुक्त शिवार योजना (Jalyukt Shivar Yojana) लायी थी। इन योजनाओं के माध्यम से औरंगाबाद सहित मराठवाड़ा की पेयजल समस्या हल करने के लिए तत्कालीन बीजेपी सरकार ने कई महत्वपूर्ण  निर्णय लिए थे। आज यह सरकार उन सभी योजनाओं को बंद कर चुकी है। वैधानिक विकास मंडल का मुदा गिराया गया है। इससे यह साफ है कि राज्य की ठाकरे सरकार (Thackeray Government) पेयजल की शत्रु है। यह आरोप राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा के विरोधी पक्ष नेता देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने लगाया। 

    शहर में निर्माण पेयजल आपूर्ति की समस्याओं के खिलाफ बीजेपी की ओर से पैठण गेट से महानगरपालिका मुख्यालय पर भव्य जलआक्रोश नामक मोर्चा विरोधी पक्ष नेता देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय रेलवे राज्यमंत्री रावसाहब दानवे पाटिल, केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री डॉ. भागवत कराड, विधायक अतुल सावे, शहर अध्यक्ष संजय केणेकर के नेतृत्व में निकाला गया। मोर्च में हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। मोर्च में बड़ी संख्या में महिलाएं पानी के हंडे लेकर शामिल हुुई थी।  मोर्चा महानगरपालिका मुख्यालय पहुंचने पर देवेंद्र फडणवीस ने मोर्चा को संबोधित करते हुए राज्य की ठाकरे सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पेयजल शत्रु होने से ही आज औरंगाबाद वासी एक-एक बूंद के लिए तरस रहे है। इसके लिए महानगरपालिका पर गत कई सालों से सत्तासीन शिवसेना ही जिम्मेदार होने का आरोप फडणवीस ने लगाया। उन्होंने सरकार को चेताया कि औरंगाबाद की जनता ने जलआक्रोश मोर्चा निकालकर सरकार को हिलाया है। सरकार ने तत्काल शहर की पेयजल आपूर्ति की समस्याओं को हल नहीं किया तो जनता के जोर पर बीजेपी लड़ाई लड़ती रहेंगी। पूर्व सीएम ने कहा कि आज का मोर्चा बीजेपी का नहीं हैं, बल्कि जनता का यह गुस्सा है। उन्होंने दावा किया कि औरंगाबाद में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर मोर्चा निकला है। पुलिस द्वारा मोर्चा निकालने के लिए डाली गई कड़ी शर्तों पर भी फडणवीस ने नाराजगी जताते हुए कहा कि मोर्चा के पोस्टर फाड़े जा रहे थे। पर आज इस मोर्चा में हजारों की संख्या में लोगों आये हुए है। जनता के इस आक्रोश को कोई फाड नहीं सकता। 

    औरंगाबाद महानगरपालिका भ्रष्टाचार का अड्डा 

    औरंगाबाद महानगरपालिका में सालों से भ्रष्टाचार जारी है। मैंने राज्य के मुख्यमंत्री रहते शहर के बदहाल सड़कों को बेहतर बनाने के लिए पहले 125 करोड़ रुपए का निधि दिया था। उसके बाद तत्काल 100 करोड़ रुपए देने का वादा भी किया था। परंतु, पहले दिए हुए 125 करोड़ खर्च करने में कई महीने गुजर गए थे। यह समय सिर्फ शिवसेना नेताओं ने अपनी टक्केवारी के लिए गंवाया। कई महीने तक शिवसेना के पदाधिकारी टक्केवारी के लिए लड़ते रहे। जिसके चलते 125 करोड़ के सडकों के काम कई महीने तक प्रलंबित रहे थे। इसके लिए शिवसेना ही जिम्मेदार होने का आरोप फडणवीस ने लगाया। उन्होंने औरंगाबाद वासियों से कहा कि महानगरपालिका भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है। आगामी सितंबर-अक्टूबर में होने वाले महानगरपालिका चुनाव में इन भ्रष्टाचारियों को सबक सिखाने की जरुरत है। उन्होंने शिवसेना का नाम लिए बिना निशाना साधते हुए कहा कि हमारे वोट चुराए गए है। उन चोरों का पता चल चुका है। इन चोरों को आगामी महानगरपालिका चुनाव में सजा देना है। हम यह काम करके रहेंगे, यह विश्वास भी फडणवीस ने जताया। उन्होंने ठाकरे सरकार को चेताया कि वे तत्काल औरंगाबाद की पेयजल समस्या हल करें, वरना हम मुख्यमंत्री और सरकार के मंत्रियों की रात की निंद हराम कर देंगे। 

    समानांतर योजना के नाकाम के लिए शिवसेना जिम्मेदार 

    देवेंद्र फडणवीस ने कुछ वर्ष पूर्व शहर की पेयजल समस्या हल करने के लिए हाथ में ली गई समानांतर योजना नाकाम होने के लिए भी शिवसेना ही जिम्मेदार होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शिवसेना ने ही इस योजना का सत्यानाश किया है। समानांतर योजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होने से वह योजना पूरी नहीं हो पायी। मैंने मुख्यमंत्री रहते इस योजना को पूरा करने के लिए चार बार बैठक की। लेकिन, शिवसेना द्वारा किए भ्रष्टाचार के चलते ही उस योजना का काम पूरा करने का कोई हल नहीं निकल पाया। जिसके चलते वह योजना नाकाम हुई। उन्होंने उनके मुख्यमंत्री रहते शहर के लिए मंजूर की हुई 1680 करोड़ रुपए की पेयजल योजना का काम कछुए के गति से जारी होने को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि ठाकरे सरकार ने इस योजना को पूरा करने के लिए सख्त कदम नहीं उठाए तो यह योजना और 25 साल में भी पूरी नहीं होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि नई पेयजल योजना के लिए ठाकरे सरकार ने एक रुपया भी उपलब्ध नहीं कराया है। 

    महिलाओं का दिन रात मिल रहा श्राप

    राज्य के विरोधी पक्ष नेता ने औरंगाबाद वासियों को एक सप्ताह गैप देकर मिल रहे पानी पर चिंता जताते हुए कहा कि सुबह-शाम औरंगाबाद वासी नल खोलने पर उसमें सिर्फ हवा आ रही है। नल पानी के लिए होता है, पर यहां के नलों में सिर्फ हवा आने से यहां की मां – बहने राज्य सरकार और महानगरपालिका प्रशासन को श्राप दिए बिना सो नहीं पाती। उनके द्वारा दिया हुआ श्राप ही ठाकरे सरकार को डुबोयेगा। 

    जुम्मे जुम्मे को मिल रहा पानी 

    इससे पूर्व केंद्रीय रेलवे राज्यमंत्री ने शहर के नागरिकों को सप्ताह में एक बार मिल रहे पानी को लेकर राज्य सरकार और महानगरपालिका प्रशासन पर राग अलापते हुए कहा कि यह सरकार औरंगाबाद वासियों को जुम्मे जुम्मे को पानी आपूर्ति कर रही है। राज्य की महाविकास आघाडी सरकार अमर-अकबर-एंथोनी की सरकार है।