Uddhav Thackeray, Eknath Shinde

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नवभारत न्यूज नेटवर्क
धाराशिव: धाराशिव में हाल ही में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री एवं शिवसेना (उद्धव गुट) के पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) पर जोरदार हमला किया था। उद्धव की उन टिप्पणियों का सीएम शिंदे ने उसी शैली में मुहतोड़ जवाब दिया है। उन्होंने इस दौरान उद्धव को ये चेतावनी भी दे दी कि उनकी कमजोर नब्ज उनके हाथ में है।बता दें कि 7 फरवरी को उद्धव ठाकरे ने धाराशिव में आयोजित कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में एकनाथ शिंदे का नाम लिए बगैर कहा कि उन्हें बगावत की भनक पहले ही लग गई थी और वह चाहते तो ‘दाढ़ी’ (शिंदे का उर्फ नाम) को दाढ़ी पकड़कर खींचकर ला सकते थे। उद्धव के उस बयान पर सीएम शिंदे ने बुधवार को पलटवार किया। धाराशिव में आयोजित शिव संकल्प अभियान में कार्यकर्ताओं एवं उपस्थित जनता को संबोधित करते हुए शिंदे ने कहा कि वह कहते हैं दाढ़ी खींच कर लाए होते। लेकिन इस दाढ़ी के हाथ में आपकी कमजोर नब्ज (Dadhi Ke Hath Mein hai Apki Naadi) है। दुनिया जानती है कि इस दाढ़ी ने आपकी सरकार का क्या किया है?
उन्हें घर में बैठा दिया है
सीएम शिंदे ने कहा कि लोकसभा चुनाव में 45 से अधिक सीटें जीतनी है। इसी तरह विधानसभा में भी जीत हासिल करनी है। इसके लिए काम शुरू करना है। जनता हमारे साथ हैं, लोग घर में बैठने वालों को नहीं चाहते और हमने उन्हें पहले ही घर में बैठा दिया है। सरकार की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाया जाना चाहिए। आज इस शिव संकल्प अभियान में उमड़ी लोगों की भीड़ देखकर ये विश्वास हो गया है कि मिशन 48 सफल होगा। उन्हें उनकी जगह दिखानी चाहिए। आप जानते हैं कि घात करने वालों से हाथ कौन मिला रहा है, ये लोग जानते हैं।  ये लोग बालासाहेब के विचारों को आगे नहीं बढ़ाते। शिवसेना के विचार को आगे बढ़ाने के लिए जिन्होंने बलिदान दिया, उन्हें ही ये दरकिनार कर रहे हैं। नियति तुम्हें माफ नहीं करेगी। 
 

शिवसेना आपके पास कैसे?
हमारे हाथ में धनुष-बाण है। भगवान श्री राम का धनुष-बाण हमारे पास है। हम उन्हें उनकी जगह दिखाएंगे। यदि आपके पास लोग नहीं हैं तो आपके पास शिवसेना कैसे हो सकती है? हमारे पास हर जगह से लोग आ रहे हैं। वे बालासाहेब के विचारों के साथ हैं। वे उनके पक्ष में नहीं हैं। यदि आपके पास लोग नहीं हैं तो शिवसेना आपके पास कैसे हो सकती है? लेकिन वे केवल स्वार्थ सिद्धि करना चाहते थे। एक मिनट में शिवसैनिकों के खाते से पचास करोड़ रुपये उड़ा लिए। दूसरे दिन उन्होंने देश का प्रधानमंत्री बनने का सपना देखा। हम आम आदमी हैं, मुख्यमंत्री बन गए तो बर्दाश्त नहीं हो रहा है? सोने का चम्मच लेकर पैदा होने के बाद उन्हें आम लोगों की समस्याओं की जानकारी कैसे हो सकती है? इस पाप का भुगतान कहां होगा? ऐसा भी उन्होंने पूछा है।