If vaccination is not given in Aurangabad, entry will not be available at shops, malls, hotels, railway stations, AMC has resolved to give 100% vaccination by November 30

    औरंगाबाद : आगामी 30 नवंबर तक शहर के 100 प्रतिशत नागरिकों को कोरोना टीका लगाने का संकल्प एमसी (AMC) के स्वास्थ्य विभाग (Health Department) ने हाथ में लेकर उसके लिए कमर कसी है। 30 नवंबर तक जो लोग टीके नहीं लेंगे, उन्हें दुकान, मॉल, होटल, रेलवे स्थानक, बस स्थानक (Shops, Malls, Hotels, Railway Stations) में प्रवेश नहीं मिलेंगा। इसको लेकर औरंगाबाद महानगरपालिका (Aurangabad Municipal Corporation) और  जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाने शुरू किए है। गौरतलब है की औरंगाबाद में टीकाकरण की गति काफी धीमी है और कोरोना टीकाकरण के मामले में 26वें स्थान पर है।

    महानगरपालिका के मुख्य चिकित्सा अधिकारी  डॉ. पारस मंडलेचा ने बताया कि महानगरपालिका प्रशासक आस्तिक कुमार पांडेय और कलेक्टर सुनील चव्हाण के निर्देश पर महानगरपालिका प्रशासन ने शहर के 100 प्रतिशत नागरिकों को टीका लगाने के लिए कमर कसी है। उसके लिए हर दिन विविध उपाय योजनाओं पर अमलीजामा पहनाया जा रहा है। प्रशासन शहर के हर नागरिक तक पहुंचकर उसे टीका लगाने के लिए बाध्य करने पर जोर दे रहा है।

    1 दिसंबर से बिना टीका लोगों को नहीं मिलेगा पेट्रोल 

    डॉ. मंडलेचा ने बताया कि  जो लोग  30 नवंबर तक टीके  नहीं लगाएंगे, उन्हें दुकान, मॉल, होटल, रेलवे स्थानक, बस स्थानक के प्रवेश मिलने के साथ ही पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल भी नहीं मिलेगा। दुकानदारों और पेट्रोल पंप धारकों में प्रशासन द्वारा जारी किए निर्देशों का सख्ती से पालन हो रहा हैं, या नहीं इसको लेकर सख्त कदम उठाए जा रहे है। मंडलेचा ने बताया कि उसके लिए विशेष उडन दस्तों का गठन किया गया है। यह दस्ते किसी भी दुकान, पेट्रोल पंप,  मॉॅल पर अचानक पहुंचकर जांच करेंगे। जांच में जो दुकानदार, मॉल धारक, पेट्रोल पंप धारक बीना वैक्सीनेशन पाए जाएंगे, उन पर  कार्रवाई करते हुए दुकानें और पेट्रोल पंपों को सील किया जाएगा।  

    बीबी के मकबरे के सामने टेस्टिंग आरंभ

    डॉ. पारस मंडलेचा ने कहा कि दीपावली के छुट्टियों के चलते बड़े पैमाने पर अन्य शहरों के पर्यटक औरंगाबाद  पहुंच रहे है। उन पर्यटकों से शहर के नागरिकों को किसी प्रकार का हानि न हो, इस बात को ध्यान में रखकर जो पर्यटक बिना कोविड टीका लगाया हुआ पाया जा रहा है, उसकी तत्काल आरटीपीसी टेस्टिंग करने की मुहिम 6 नवंबर से शहर के नामचीन ऐतिहासिक स्थलों में से एक बीबी का मकबरे में शुरु की है। उन्होंने बताया कि बीते 5 दिनों में मकबरे के सामने 3 हजार 539  नागरिकों की टेस्टिंग की गई। गौरतलब है की, मकबरे के सामने टीकाकरण सेंटर भी शुरु किया गया। साथ ही महानगरपालिका कमिश्नर आस्तिक कुमार पांडेय के आदेश पर शहर के सभी जनप्रतिनिधि के अलावा विविध आस्थापना के प्रमुख और व्यापारी महासंघ को कमिश्नर के हस्ताक्षर वाला पत्र सौंपकर कोविड टीकाकरण मुहिम का उध्दिष्ट पूरा करने के लिए सहकार्य करने की अपील की गई।  

    घर घर जाकर ली जा रही टीका लगाने की जानकारी 

    शहर के  हर क्षेत्र के नागरिकों को टीका लगाने के लिए बाध्य करने की मुहिम हाथ में ली गई है। जिन इलाकों में टीकाकरण मुहिम को प्रतिसाद कम मिल रहा है, उन इलाकों में आशा वर्कर घूमकर  नागरिकों को कोरोना टीका लगाने के लिए बाध्य कर रहे है। साथ ही हर घर में आशा वर्कर पहुंचकर 18 साल से अधिक उम्र के लोगों की जानकारी जमा कर रहे है। जिन लोगों ने डोज  नहीं लिए,  उनके नाम की सूची तैयार की जा रही है। सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को कोविड टीकाकरण मुहिम को पूरी तरह से कामयाब बनाने के लिए सख्त निर्देश दिए गए है। विशेषकर, मस्जिदों में धर्मगुरुओं के माध्यम से टीकाकरण मुहिम को गति देने का प्रयास जारी है। जिन एरियों में टीका लगानेवालों की संख्या कम हैं, वहां बैनर और पोस्टर लगाकर नागरिकों में जनजागृति करने का काम जारी है। लोअर परफॉमिंग एरियों में प्रति 6 केंद्र निहाय दो अधिकारी ऐसे  कुल चार मेडिकल ऑफिसर को नोडल अधिकारी के रुप में नियुक्त किया गया है। वहीं, कामगारों के लिए शहर के जयभवानी स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत मुकुंदनगर, राजनगर जीवन विकास प्रतिष्ठान पुस्तकालय में हर रविवार को टीकाकरण शिविर लगया जा रहा है। 

    प्रमाणपत्र दिखाकर ही महानगरपालिका मुख्यालय में मिलेगा प्रवेश

    कोविड टीका लगाए जाने के बाद मिलने वाला प्रमाणपत्र दिखाकर ही महानगरपालिका मुख्यालय में प्रवेश देने का निर्णय महानगरपालिका प्रशासक आस्तिक कुमार पांडेय ने लिया है। उस निर्णय पर महानगरपालिका मुख्यालय में मंगलवार से अमलीजामा पहनाया जा रहा है। महानगरपालिका के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पारस मंडलेचा ने बताया कि  टीकाकरण प्रमाण पत्र दिखाए बिना महानगरपालिका कार्यालय में किसी भी नागरिक को प्रवेश न देने का निर्णय लिया गया है। महानगरपालिका के दोनों मुख्य प्रवेश द्वार  पर मंगलवार से कड़ी जांच शुरु की गई।

    जांच मुहिम में मंगलवार को 254 नागरिकों की जांच की गई। जिसमें एक डोज लिए हुए 83 और दोनों डोज लिए हुए 160 नागरिक पाए गए। वहीं, 11 नागरिक बिना डोज लिए पाए गए। उन नागरिकों की सारी जानकारी पंजीकरण कर उन्हें डोज लेने के लिए बाध्य किया गया। वहीं, बुधवार को 266 नागरिकों की महानगरपालिका मुख्यालय में जांच की गई। जिनमें प्रथम डोज लिए 167 और दोनों डोज लिए 51 नागरिक पाए गए। वहीं, डोज न लिए हुए 37 नागरिक पाए गए। उनके नंबर लेकर उन्हें  महानगरपालिका स्वास्थ्य केंद्र पर भेजे गए है। वहीं, दूसरा डोज न लिए 586 नागरिकों को फोन कर दूसरा डोज लेने के लिए आगाह किए जाने की जानकारी डॉ. मंडलेचा ने दी।