Aurangabad Municipal Corporation keeps a close watch on 33 people from Britain

    औरंगाबाद. राज्य सरकार ने हाल ही में औरंगाबाद (Aurangabad) सहित कई महानगरपालिका के चुनाव प्रभाग वाईज कराने का निर्णय लिया है। शहर में तीन वार्डों का एक प्रभाग होगा। तीन वार्डों को मिलकर बनाए जानेवाले मतदाताओं (Voters) की संख्या 22 से 28 हजार तय होने के आसार है। उसके अनुसार तीन वार्डों का एक प्रभाग के तहत 37 प्रभाग और एक वार्ड का एक स्वतंत्र प्रभाग रहेगा। प्रभागों के तहत होनेवाले चुनाव में भी महिलाओं का राज बरकरार रहेगा। 37 प्रभागों में 20 प्रभाग ऐसे रहेंगे, जहां एक पुरुष और 2 महिलाएं इस तरह 40 नगरसेविका बाजी मारेंगी। वहीं, 18 प्रभाग में एक के तहत 18 इस तरह कुल 58 महिलाओं का राज औरंगाबाद महानगरपालिका (Aurangabad Municipal Corporation) में बरकरार रहेगा।

    महानगरपालिका सूत्रों ने बताया कि कुल 115 वार्डों के लिए बनाए जाने वाले 37 प्रभागों में एससी के लिए आरक्षित 22 में 11 पुरुष और 11 महिला नगरसेविका का चयन होगा। एसटी के लिए आरक्षित 2 वार्डों में एक महिला के लिए आरक्षित रहेगा। ओबीसी के लिए आरक्षित 31 वार्डों में 16 महिलाएं, जनरल के लिए आरक्षित 60 में 30 महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगे। इस तरह 58 महिलाएं प्रभाग वाईज होने वाले चुनाव में बाजी मारकर अपना दमखम बरकरार रखेंगी। 

    नामचीन दलों के उम्मीदवार होगी चांदी   

    एक प्रभाग के हर एक मतदाता को तीन वोट करने होंगे। ऐसे में जिन प्रभागों में अशिक्षित तथा महिलाओं की संख्या अधिक रहेगी, वहां नामचीन दलों के उम्मीदवार अधिक वोट पाकर बाजी मारेंगे। एक प्रभाग के तीन वार्डों के हर एक उम्मीदवार को अपने प्रभाग के करीब 22 से 28 हजार मतदाआओं को अपनी और आकर्षित करना  टेढी खीर साबित होगा। एक ही दल के तीन उम्मीदवार मिलकर प्रचार करने से प्रभाग वाईज चुनाव में निर्दलीयों का पत्ता साफ होना तय है। शहर के 115 वार्डों के लिए बनाए जाने वाले 37 से 38 प्रभागों में 2 से 5 नगरसेवक ही निर्दलीय चुनाव जितने के आसार होने की आशंका राजनीतिक जानकारों ने जताई हैं।

    नए से तैयार होगा प्रभागों का प्रारुप 

    महानगरपालिका सूत्रों ने बताया कि मंगलवार की देर शाम चुनाव आयोग ने महानगरपालिका चुनाव के लिए प्रभागों की सीमा तय कर कच्चा प्रारुप बिना राजनीतिक दबाव बनाने के निर्देश दिए है। 2011 की जनसंख्या को सामने रखकर नए प्रभागों का कच्चा प्रारुप चुनाव आयोग ने औरंगाबाद सहित राज्य के 21 महानगरपालिका प्रशासन को दिए है। उसके लिए अनुभवी अधिकारियों की एक समिति गठित की जाएगी। समिति के नेतृत्व में प्रभागों का कच्चा प्रारुप बनाने का काम शुरु किया जाएगा। समिति गठित होते ही प्रभाग का कच्चा प्रारुप बनाने का काम हर्सूल से शुरु होकर सातारा में खत्म होगा। झिकझाक पध्दति से प्रभागों का प्रारुप तैयार करने का काम होगा। 2011 की जनसंख्या के अनुसार महानगरपालिका चुनाव होंगे। सूत्रों ने बताया कि 2011 में शहर की जनसंख्या 12 लाख 28 हजार 32 थी। उसमें 9 लाख 42 हजार 532 शहरवासियों का नाम मतदाता सूची में शामिल था। बीते तीन सालों में मतदाता सूची में एक लाख से अधिक नाम शामिल होने के आसार है। उसके तहत मतदाताओं की संख्या 11 लाख तक पहुंचने के आसार है। 

    राजनीतिक हलचलें तेज 

    राज्य चुनाव आयोग ने मंगलवार की देर शाम नए प्रभागों का कच्चा प्रारुप तैयार करने के निर्देश महानगरपालिका प्रशासन को देते ही शहर में राजनीतिक हलचलें तेज हो चुकी हैं। गत वर्ष अप्रैल माह में महानगरपालिका की समयावधित समाप्त हुई है। कोरोना महामारी के प्रकोप के चलते चुनाव आयोग ने महानगरपालिका चुनाव कराने के लिए कोई पहल नहीं की। अब हालत सामान्य होने पर राज्य चुनाव आयोग ने 21 महानगरपालिका प्रशासन को प्रभाग रचना तैयार करने के निर्देश दिए है। इसमें औरंगाबाद महानगरपालिका भी शामिल है। चुनाव आयोग द्वारा प्रभागो का कच्चा प्रारुप तैयार करने के निर्देश की खबरें बुधवार को प्रकाशित होते ही सभी दलों के इच्छुक उम्मीदवार बुधवार को दिन भर बेचैन नजर आए।