Most corruption happened in Maharashtra during Corona period: Sanjay Kenekar

    औरंगाबाद : जनादेश को दरकिनार कर जनता को फंसाकर सत्ता हासिल की  महाराष्ट्र (Maharashtra) की ठाकरे सरकार (Thackeray Government) द्वारा कोरोना काल में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया। कोरोना की लड़ाई में ठाकरे सरकार पूरी तरह असफल हुई। यह  आरोप भाजपा शहराध्यक्ष (BJP city President) संजय केणेकर (Sanjay Kenekar) ने लगाया।

    महाविकास आघाड़ी सरकार ने हाल ही में दो साल का कार्यकाल पूरा किया। इसको लेकर भाजपा शहराध्यक्ष संजय केणेकर ने प्रेस वार्ता में ठाकरे सरकार की जमकर पोल खोली। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा समय समय पर ठाकरे सरकार को मदद करने से महाराष्ट्र में कोरोना को लेकर निर्माण हुए गंभीर  संकट में जल्द हालत सुधर पाए। केणेकर ने कहा कि कोरोना सहायता निधि के नाम पर ठाकरे सरकार ने लोगों से करोड़ो रुपए जमा किए।

    लेकिन, उसमें से सिर्फ 25 प्रतिशत निधि का इस्तेमाल जनता के  हित के लिए करने की बात खुद राज्य सरकार ने कबूली है। 600 करोड़ का निधि आज भी बिना इस्तेमाल के पड़ा है। उधर, कोरोना काल में कई माह तक लॉकडाउन जारी रहने से लोग आर्थिक स्थिति सेे जुझ रहे है। हमेशा पीएम केयर फंड पर नजर रखकर मदद की याचना करनेवाले ठाकरे सरकार ने सीएम केयर फंड की राशि दबाकर क्यों रखीं, इसकी जांच लोकायुक्त द्वारा करने की मांग भी केणेकर ने की।

    सबसे अधिक  महाराष्ट्र की जनता ने गंवाई जान

    भाजपा ने आरोप लगाया कि ठाकरे सरकार की भ्रष्टाचार नीति के चलते ही महाराष्ट्र में सबसे अधिक कोरोना पीड़ित लोगों ने अपनी जान गंवाई। सबसे अधिक आर्थिक परेशानियों का सामना राज्य की जनता को करना पड़ा। केंद्र  सरकार द्वारा बार-बार चेताने के बावजूद महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार जारी रहा। यही कारण है कि वर्तमान में महाराष्ट्र की आर्थिक स्थिति पूरी तरह डगमगायी हुई है। अपने असफलता को छुपाने के लिए हर मामले में ठाकरे सरकार केंद्र सरकार पर निशाना साधती है। लेकिन, कोरोना संकट काल में गरीबों को लिए जरुरी मदद पहुंचाने में भी राज्य सरकार नाकाम रही। उन्होंने आरोप लगाया कि मृतदेह लपेटने की प्लास्टिक थैलियां, पीपीई कीट में भ्रष्टाचार हुआ, वैटिंलेटर्स और रेमडीसीवीर जैसे औषधियों का बड़े पैमाने पर कालाबाजार हुआ। ऑक्सिजन की कमी, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से राज्य की कोरोना पीड़ित नागरिकों को कई कठिनाईयों का सामना करना पड़ा।  

    केंद्र सरकार ने की बड़े पैमाने मदद 

    भाजपा शहराध्यक्ष केणेकर ने दावा किया कि  कोरोना काल में केंद्र की मोदी  सरकार ने महाराष्ट्र को गेंहू के लिए पौने  दो हजार करोड़, चावल के लिए 2 हजार करोड़, दाल के लिए 100 करोड़, स्थानांतरित मजदूरों को मदद के लिए 122 करोड़ ऐसी कुल 4 हजार 592 करोड़ रुपए की मदद सिर्फ अनाज के लिए की गई। गरीबों के लिए मुफ्त अनाज देने की योजना बनाई गई। साथ ही राज्य के 86 हजार से अधिक किसान, विधवा, विकलांग और वरिष्ठ नागरिकों को सीधे उनके बैंक खाते में रकम जमाकर उन्हें मदद करने का काम केंद्र सरकार द्वारा किया गया। वहीं, दूसरी तरफ राज्य सरकार की ओर से आज तक जनता को किसी प्रकार की मदद न करने का आरोप भाजपा शहराध्यक्ष केणेकर ने लगाया। प्रेस वार्ता में जालिंदर शेंडगे, जिला उपाध्यक्ष मनीष भंसाली, डॉ. राम बुधवंत, राजेश मेहता आदि उपस्थित थे।