Online trapping accused in Cyber Police trap

    औरंगाबाद. शहर पुलिस आयुक्तालय (City Police Commissionerate) के साइबर पुलिस (Cyber Police) ने दो सौ रुपए कमिशन देकर दूसरे बैंक खाते (Bank Account) में 20 हजार रुपए ऑनलाईन (Online) ट्रांसफर  करने के बाद  संबंधितों को फोनपे (PhonePe) द्वारा पैसे भेजने का लालच दिखाकर फंसाने वाले आरोपी को साइबर पुलिस गिरफ्तार (Arrested) करने में कामयाब हुई। पकड़े  गए आरोपी की पहचान श्रेयस अशोक मालेगावे के रुप में की गई।

    साइबर थाना के एपीआई  गौतम पतारे ने बताया कि साइबर थाना में शहर के कैलास नगर निवासी विनय निकम ने दी हुई शिकायत पर कस्टमर सर्विस  सेंटर में श्रेयस मालेगावे आया। उसने 200 रुपए कमिशन देकर उनसे 20 हजार रुपए दूसरे बैंक खाता में ट्रांसफर करने को कहा। इस लेन देन  के लिए  खुद के  फोन  से फिर्यादी के फोनपे का क्यूआर कोड स्कैन कर पैसे ट्रांसफर करने का बहाना करते हुए वहां से फरार हुआ। 

    जाल बिछाकर उसे  गिरफ्तार किया

    आरोपी प्रौद्योगिकी कौशल का आधार लेेकर खुद के मोबाईल का इंटरनेट बंद कर फोनपे से ट्रांसैक्शन  करने का बहाना कर रहा था। साथ ही चलाकी से पुराने ट्रांसैक्शन की ऑनलाईन रिसिप्ट दिखाते हुए फरार होने में कामयाब हुआ था। आरोपी ने शहर के चार से पांच  स्थानों पर इसी तरह फंसाने की वारदाते साइबर पुलिस के समक्ष आई। इन मामलों में आरोपी श्रेयस अशोक  मालेगाव निवासी तनवानी स्कूल के पिछे वडगांव कोल्हाटी शामिल होने की जानकारी साइबर थाना पुलिस को मिली। साइबर पुलिस ने उसके गांव में जाल बिछाकर उसे  गिरफ्तार किया।

    पुलिस ने गिरफ्तार करते ही उसने कई लोगों को फंसाने की बात कबूली। यह कार्यवाही साइबर थाना के एपीआई गौतम पातारे, सहायक निरीक्षक अमोल सातोदकर, हवालदार धुडकु खरे, सुशांत शेलके, गोकुल कुतरवाडे, मन्सुर शहा, विजय घुगे, राम काकडे,धनंजय सानप, संदिप पाटिल, वैभव वाघचौरे, संगीता दुबे, सोनाली वडनेरे, चालक कांबले ने पूरी की।