River Cities Alliance selected Aurangabad out of 30 cities

    औरंगाबाद : शहर के लिए यह गर्व की बात है कि देश (Country) के 30 शहरों में से औरंगाबाद को रिवर सिटीज एलायंस (River Cities Alliance) के लिए चुना गया है। 30 शहरों ने गुरुवार को दिल्ली में एक कार्यक्रम में रिवर सिटीज (River Cities) एलायंस घोषणापत्र (Alliance Manifesto) पर हस्ताक्षर (Signed) किए।

    नदी मिशन गठबंधन को राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन और राष्ट्रीय शहरी मामलों के संस्थान द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है। औरंगाबाद शहर, जो गंगा के किनारे नहीं है, उसे भी परियोजना के लिए चुना गया है। इस पहल का उद्घाटन दिल्ली में किया गया।

    सितंबर में पहली बार केंद्र सरकार के नमामि गंगा कार्यक्रम में गंगा किनारे के शहरों का चयन किया गया था। भारत के 4800 शहरों में से 30 शहरों को इस परियोजना के लिए चुना गया है। इनमें महाराष्ट्र में पुणे और औरंगाबाद शामिल हैं। इसी पृष्ठभूमि में आज दिल्ली में इस उपक्रम  का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में सभी 30 शहरों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। औरंगाबाद नगर कमिश्नर और औरंगाबाद स्मार्ट सिटी के प्रशासक और सीईओ आस्तिक कुमार पांडे भी मौजूद थे।

    नदी को साफ करने के लिए आवश्यक यांत्रिक और वित्तीय सहायता मिलेगी

    आस्तिक कुमार पांडेय ने औरंगाबाद नगर निगम, औरंगाबाद स्मार्ट सिटी, औरंगाबाद कैंप काउंसिल, इको सत्त्व और वारोक द्वारा अमलीजामा पहनाए  खाम नदी कायाकल्प परियोजना के बारे में जानकारी दी। परियोजना, जिसे औरंगाबाद के पत्रकारों और नागरिकों की भागीदारी से लागू किया गया था, खाम नदी को चौड़ा करना, पिच करना और गहरा करना शामिल था। खाम नदी से कचरा और खाम नदी में नाला डिस्चार्ज किया गया। कमिश्नर ने अकोला जिले में मोरना नदी की सफाई की भी जानकारी दी। औरंगाबाद शहर ने नमामि गंगा के तहत रिवर सिटीज एलायंस के तहत खाम नदी को साफ करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। रिवर सिटीज एलायंस में शामिल होने से औरंगाबाद को नदी को साफ करने के लिए आवश्यक यांत्रिक और वित्तीय सहायता मिलेगी।

    केंद्रीय जल मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय शहरी विकास सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा, नमामि गंगा के प्रबंध निदेशक राजीव रंजन मिश्रा और राष्ट्रीय शहरी मामलों के संस्थान के प्रमुख हितेश वैद्य की उपस्थिति में रिवर सिटीज की घोषणा की गई। जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि जब तक लोगों में जिम्मेदारी की भावना नहीं जागेगी, तब तक नदियों को नहीं बचाया जा सकता है।