कारधा से कोरंभी के पिंगलाई माता मंदिर तक तैरकर पहुंचे 20 श्रद्धालु

    • सुर गंगा नदी परिवार का उपक्रम 
    • सहायता के लिए बनायी गयी थी टीम 

    भंडारा . नवरात्री को शक्ती का पर्व माना जाता है. मां दुर्गा विविध रूपों में शक्ति की अनुभूति कराती है. इस उत्यव पर शक्ति का परिचय देते हुए शहर के सुर गंगा नदी परिवार की ओर से भंडारा के कारणा नदी तट से कोरंभी के मां पिंगलाई मंदिर की बुनियाद तक तैरते हुए दूरी पूर्ण की. सूर गंगा समुह ने इस माध्यम से समाज के सामने अनोखी मिसल रखी. 

    की जाती है विविध तरीके से श्रद्धा अर्पित

    वर्तमान में वैनगंगा नदी लबालब भरी हु और इसमें तैरना आसान नहीं है. नवरात्री के मौके पर मां के चरणों में विविध तरीके से श्रद्धा अर्पित की जाती है. कोई उपवास कर तो कोई चप्पल जुते से दूरी बनाएं रखते है. वहीं शहर के सुर गंगा नदी परिवार के लोग पिछले चार वर्षो से वैनगंगा नदी के कारधा तट से कोरंभी देवी गाव की पिंगलाई माता मंदिर तक तैरते हुए पहंचते है. लेकिन कोरोना के चलते दो वर्षो से उपक्रम में बाधा आ रही थी. 

    सर्व प्रथम कोरंभी पहुंचे विजय कुमार दुबे

    दो घंटे 12 मिनट में 

    सुबह 7 बजे तैराकी में महारत हासिल 20 तैराक पानी में उतरे इनमें से विजय कुमार दुबे दो घंटे 12 मिनट में सर्व प्रथम कोरंभी पहुंचे. सहयोग के लिए 20 लोगों की टीम थी. डा. मेघरे व डा. बावनकरके मार्गदर्शन में दो बोट, लाइफ सेविंग जैकेट, ग्लुकोज, पानी की व्यवस्था की गयी थी. 

    स्विमिंग कास्टूम तथा कैप वितरीत

    कोरोना काल में अरूण सार्वे इस मित्र को खो चुके अधिवक्ता दिलीप कुमार नारनवरे ने सभी सहयोगियों को स्विमिंग कास्टूम तथा कैप वितरीत की. उपक्रम में चिंतामण मेहर, बंडू सव्वालाखे, नीरज कंबोज, मयूर बिसेन, भास्कर शांडिल्य, विवेक बोरसे, केशव बांते, दिनेश बिसेन, ताराचंद दंडारे प्रमुख रूप से उपस्थित थे.