मेंढा में भागवत सप्ताह: धार्मिक कार्यक्रम ही संगठन शक्ति की ताकत- प्रवचनकार ललिता शिवणकर

    सोनी. हमारे सामाजिक जीवन में, लोगों को मीठा, खट्टा, मसालेदार, नमकीन, तत्काल, आदि स्वभाव वाले लोग रहते है. भागवत सप्ताह कार्यक्रम के अवसर पर सभी जाति एवं धर्म के लोग एक साथ आते हैं और बड़े उत्साह के साथ मनाते हैं. सभी के घर में पोहे, मुरमुरा, प्याज, मिर्च, नींबू, चीनी, गुड़, दही, दूध, “मीठा काला” का निर्माण होता है और लालच, काम, माया, ईर्ष्या, का नाश होता है.

    इस धार्मिक एवं सामाजिक काले से पूरा समाज एक साथ आता है और संगठन शक्ति को मजबूत करने का महत्वपूर्ण कार्य भागवत सप्ताह के कार्यक्रम के माध्यम से किया जाता है. गांव के विकास की अवधारणा समाज में बढ़ती एकता की भावना से निर्धारित होती है और यही संगठन शक्ति की ताकत है ऐसा प्रतिपादन प्रवचनकार ललिता शिवणकर ने किया. वे मेंढा शिवाजीनगर में आयोजित भागवत सप्ताह में बोल रहे थे. 

    कार्यक्रम में सोनी, इंदोरा, चप्राड, पुयार, कन्हालगाव आदि गांव के भक्त बडी संख्या में उपस्थित थे. इस अवसर पर नुतन कांबले, पि. एम. ठाकरे, रमेश डोंगरे, गोपाल घाटेकर, ए. टी. कुथे, वासुदेव तोंडरे, भारत मेंहदले, विजय खरकाटे, सरपंच कुंता शहारे, निरु मेश्राम, प्रतीक ऊईके, तुषार एंचिलवार, सुधाकर वझाडे, श्रीकांत दोनाडकर, माणिक खरकाटे, धनराज ढोरे व सभी ग्रामीण उपस्थित थे. कार्यक्रम के बाद सभी को महाप्रसाद का वितरण किया गया. सफलता के लिए सुधाकर वझाडे, महेश शहारे, नरेंद्र वाझाडे व शिवाजी नगर मेंढा के युवाओं ने प्रयास किया.