सीईओ की सफाई : मैंने नहीं की अभद्रता, कहा बाद में मिलीए

    भंडारा. मंगलवार को निवेदन लेकर खडे मनरो स्कूल के बच्चों के साथ जिप सीईओ की कथित अभ्रदता मामले की गूंज पूरे जिले में सुनाई दी. यहां तक इस मामले के मंत्रालय तक पहुंचने की बात कही जा रही है. बुधवार को जिप सीईओ विनय मून ने नवभारत को बताया कि ऐसा कुछ नहीं हुआ था कि जिसे अभ्रदता कहा जाए. चूंकि कलेक्टर आफिस में मीटिंग के लिए जा रहा था इसलिए बच्चों से यह कहा कि आप जिप में आकर मिलीए.

    सभी स्तर से हुआ निषेध

    मंगलवार को जो कुछ हुआ था. उसका सभी स्तर से निषेध किया गया था. सोशल मीडिया में भी इस मामले को जमकर उछाला गया था. यहां तक मनरो में चल रहे निर्माण के विरोधी एवं समर्थक दोनों ने भी सीईओ के रवैये की आलोचना की थी.

    सीईओ मून की सफाई

    सीईओ विनय मून ने बताया कि वे मंगलवार को बैठक के लिए जिलाधिकारी कार्यालय गए थे. वहां पर अहाते में बच्चे उनके पास में आए एवं निवेदन देने लगे. सीईओ मून ने बताया कि उन्होने बच्चों से यह कहा था कि आप जिप भवन में उनके कक्ष में आए. हम चर्चा करते है. एक सवाल के जवाब में सीईओ मून ने बताया कि जिप में उनका आफिस में सभी का स्वागत है. वहां तो कोई भी आ सकता है. वे सभी से मिलते है.

    विधायक भोंडेकर भी बरसे

    विधायक नरेंद्र भोंडेकर ने मंगलवार को हुए मामले में अपनी भडास निकलते हुए कहा कि जिप सीईओ यह नागरिकों के काम नहीं करते. बल्कि एक व्यक्ति विशेष के लिए ही काम करते है. अधिकारी को लोगों के हित के लिए काम करना चाहिए. लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है.

    तत्काल हटाएं- एड. शिशिर वंजारी 

    जिला परिषद सीईओ द्वारा बच्चों के साथ अभद्रता मामले में एडवोकेट शिशिर वंजारी ने कहा कि मंगलवार को सीओ बच्चों के साथ ठीक ढंग से पेश नहीं आया यह हकीकत है. चारों ओर से घिरने के बाद सीईओ ने वरिष्ठों की डांट से बचने के लिए अपने आप को पाक साफ बता रहे हैं. जबकि अब तक जितने भी शिष्टमंडल सीईओ से चर्चा करने या निवेदन देने गए हैं. उनके साथ सीईओ ने ठीक ढंग से बर्ताव नहीं किया है. सरकार को चाहिए कि वह असंवेदनशील एवं बच्चों के प्रति प्रेम भावना न रखने वाले व्यक्ति को भंडारा जिले से तत्काल हटाए.