लाखनी उडान पुल का निर्माण घटिया या तकनीकी खामी?, अनेक कालम समीप गैप बढी

    • पुल की गुणवत्ता पर सवालिया निशान 

    लाखनी. यहां का उडान पुल 29 अप्रैल से यातायात के लिए खुला किया गया है. इसको एक सप्ताह का समयावधि हुआ होगा तो अनेक कालम समीप 2 गालों में गैप बढी होकर इस कालम पर से वाहन जाते समय बडा आवाज आता है. जिससे बडे पैमाने पर ध्वनी प्रदुषण हो रहा है. इस पर से उडान पुल का निर्माण घटिया या तकनीकी खामी ? ऐसी नागरिकों में चर्चा होकर जेएमसी ने किए निर्माणकाम पर सवालिया निशान निर्माण हुआ है. जिससे किए गए उडान पुल निर्माण काम की जांच करना आवश्यक हुआ है. 

    लाखनी शहर के मध्य भाग से जानेवाले राष्ट्रीय महामार्ग क्र. 53 (पुराना 6) का चौडाईकरण करने का काम होने से तेज गति से वाहन दौड रही थी. जिससे अनेक दुर्घटना होकर कुछ लोगों की मृत्यु हुई थी. तो कुछ लोगों को विकलांग होना पडा. जिससे शहर से उडान पुल की मांग जोरों से थी. 

    जनता की मांग का राजमार्ग विकास मंत्री नितीन गडकरी ने विचार कर उडान पुल को मंजूरी प्रदान की थी. ई निविदा पद्धत से निर्माण काम का ठेका जेएमसी कंपनी को दिया गया था. ढाई वर्ष में निर्माण काम पूर्ण होकर महिने भर का समयावधि होने के पश्चात भी लोकार्पण नहीं किया जा रहा था. 

    जिससे 30 अप्रैल तक उडान पुल का लोकार्पण करें अन्यथा 1 मई से हम लोकार्पण करेंगे ऐसी पालक मंत्री विश्वजीत कदम, विधायक अभिजित वंजारी, नाना गावंडे, जिप सदस्य मदन रामटेके, शीतल राऊत ने प्रशासन को धमकी भरी चेतावनी देते ही 29 अप्रैल को जेएमसी कंपनी के अधिकारी व कर्मचारियों ने लोकार्पण किया व उडान पुल यातायात के लिए खुला किया. 

    शहर में 77 कालम का निर्माण काम होकर उसकी लंबाई 2 किमी. होकर उडान पुल 6 वे किया गया है. किंतु कालम क्र. 10, 23, 29, 31, 41, 44, 47, 49, 52, 55, 59, 61 एवं 70 पर गैप पडी है. इस कालम पर से जाते समय बडा जोरों का आवाज होता है. राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण भारत सरकार के अधिकारियों ने शीघ्र ही इस उडान पुल को भेंट देकर जांच करने की मांग नागरिकों द्वारा हो रही है.