In Maharashtra, the claims reached the administration more than the deaths due to corona, government is giving ex gratia payments to the relatives of the deceased
File

भंडारा. आरंभ में कोरोना से मुक्ति का डंका बजाने वाले जिले में कोरोना रोगियों की संख्या जैसे-जैसे बढ़ रही है, वैसे-वैसे भंडारा जिले के लोगों की परेशानी भी बढ़ रही है. बाहर से आए लोगों के कारण जिले में भय का माहौल बना हुआ है. वर्तमान में कोरोना प्रभावित मरीजों की संख्या 75 हो चुकी है. इनमें से सबसे ज्यादा मुंबई से आए व्यक्ति हैं, मुंबई के बाद पुणे और उसके बाद दूसरे राज्य से भंडारा में आए लोगों का समावेश है. 

अब नहीं होता स्वागत
कोरोना के फैलाव से पहले अगर नागपुर या किसी अन्य शहर से भंडारा में आए व्यक्ति का स्वागत सत्कार होता था, लेकिन अब तस्वीर बिल्कुल बदल गई है. लोग स्वागत तो दूर पहचानने से तक इन्कार कर रहे हैं. अब तक मुंबई, पुणे तथा अन्य राज्य से 43,150 व्यक्ति जिले में आए हैं. उनमें से 37,767 व्यक्तियों को 28 दिन का होम क्वांटाइन किया गया है. 

9 स्थानों पर बने चेकपोस्ट
भंडारा जिले में कोरोना रोगियों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर 9 स्थानों पर चेकपोस्ट बनाए गए हैं. दूसरे शहर या राज्य से आने वाले हर व्यक्ति की चिकित्सकीय जांच के बाद उन्हें ई-पास दिया जा रहा है. कई लोग चेक पोस्ट से चोरी छिपे शहर में प्रवेश कर रहे हैं, जो ठीक नहीं है. कई बार तो लोग कहां से आ रहे हैं, ऐसा पूछने पर उस स्थान का नाम बता देते हैं, जहां कोरोना का कहर बहुत कम है. 

3 स्थान कंटेंमेंट जोन घोषित 
कोरोना के मरीजों की बढ़ती संक्या के मद्देनजर शहर के कुछ स्थानों के साथ-साथ जिले के 3 स्थानों को कंटेनमेंट जोन बनाया गया है. शहर के विदर्भ हाउसिंग कालोनी परिसर में एक कोरोना पाजिटिव मरीज मिला है. इस वजह से कंटेनमेंट तथा बफर जोन क्षेत्र घोषित किया गया है. कंटेनमेंट क्षेत्र में जिला परिषद चौक से राष्ट्रीय महामार्ग के रेलवे क्रासिंग, जिला परिषद चौक से साईं मंदिर तथा साईं मंदिर से राष्ट्रीय महामार्ग के रेलवे क्रासिंग इन क्षेत्रों का समावेश है. 

नहीं आया नया मरीज
जिले में 2 दिन कोरोनावायरस के जुड़े रिकार्ड मामले सामने आने के बाद रविवार का दिन सामान्य रहा. जिले में कोई नया मरीज नहीं मिला. फिलहाल जिले में सक्रिय मामलों की संख्या 26 है. 75 कोरोना पाजिटिव मामले में भंडारा तहसील के 10, साकोली तहसील के 20, लाखांदुर तहसील के 14, तुमसर तहसील के 4, मोहाड़ी तहसील के 2, पवनी तहसील के 14 लाखनी तहसील के 11 मरीजों का समावेश है. सफल उपचार के पश्चात 49 मरीजों को छुट्टी दी गई है.