कृषि पंपों के बंद मीटर के किसानों को दिए बिजली बिल

    • सोनी/आवली के किसानों ने व्यक्त की नाराजगी 

    लाखांदूर. पिछले वर्ष के बाढ़ में कृषी पंपों के बिजली मिटर डुबने से बंद पडे है. इसके बावजुद बिजली कंपनी द्वारा बगैर मिटर बदली किए सदोष वाचन के तहत कृषी पंप धारक किसानों को बंद बिजली मिटर के बिजली बिल सौपे जाने से किसानों में नाराजगी व्यक्त की जा रही है. 

    इस मामलें में तहसील के सोनी/आवली निवासी बाढ़ पिडीत किसानों द्वारा निवृत्त कार्यकारी अभियंता विजय मेश्राम के नेतृत्व में 23 नवंबर को स्थानीय लाखांदूर के उप कार्यकारी अभियंता को ज्ञापन सौपकर जांच की मांग की गई है. 

    प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष 2020 में तहसील के चुलबंद एवं वैनगंगा नदी में आए बाढ़ से तहसील के सोनी/आवली के सैकडों किसानों की खेती फसल सहित कृषी पंपों के के बिजली मिटर डुबने से बंद पडे है. हालांकि बिजली मिटर बंद पडने के कारण इस क्षेत्र के सैकडों कृषी पंप धारक किसानों द्वारा कृषी पंपों के तहत सिंचाई नहीं किए जाने की जानकारी दी गई है. 

    इसके बावजुद बिजली कंपनी द्वारा बाढ़ के कारण बंद हूए कृषी पंपों के बिजली मिटर बदली कर नए मिटर उपलब्ध करने की बजाय बंद मिटर के सदोष वाचन के तहत किसानों को अधिकत्तम राशि के बिजली बिल सौपे जाने का आरोप लगाया गया है. इस बीच बिजली मिटर बंद होने सहित बाढ़ के कारण फसल की क्षती होने से इस क्षेत्र के किसान आर्थिक संकट में होने का आरोप लगाया गया है. 

    इस स्थिति में बिजली कंपनी द्वारा सदोष बिजली बिल दिए जाने से पिडीत किसानों द्वारा बंद मिटर की जगह नए मिटर लगाए जाने की मांग को लेकर नियमों के अनुसार बिजली बिल दिए जाने की मांग किसानों द्वारा ज्ञापन के तहत की गई है. 

    हालांकि सरकार के बिजली कंपनी के पुर्व कार्यकारी अभियंता विजय मेश्राम के नेतृत्व में स्थानीय लाखांदूर के उपकार्यकारी अभियंता दखने को ज्ञापन सौपते समय पंडीत गायकवाड, ग्रापं. उपसरपंच नरेश मेश्राम, ग्रापं सदस्य मंगेश सुखदेवे, स्वप्नील येवले, प्रमोद भुरले, भगवान मेश्राम, छगन दिघोरे, अशोक दरवरे, प्रदिप कांबले सहित अन्य सैकडों कृषी पंप धारक किसान उपस्थित थे.