electricity bill
Pic: File Photo/Social Media

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भंडारा. बिजली की चोरी करने वालों के खिलाफ महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी सख्त कार्रवाई कर रही है. पिछले वर्ष के आंकड़ों पर नजर डालें तो बिजली चोरों से पांच करोड़ 68 लाख रुपये की वसूली की गयी है. साथ ही कुछ बिजली चोरों को केस दर्ज होने के बाद पुलिस हिरासत में भी वक्त गुजारना पड़ा है. बिजली चोरी एक फौजदारी अपराध है. महाराष्ट्र राज्य विदयुत वितरण कंपनी के भंडारा परिमंडल में उडनदस्ते के माध्यम से बिजली चोरों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है. पिछले जनवरी से दिसंबर 2023 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चला कि, 572 लोगों ने मीटर के साथ छेड़छाड़ की. समझौते और जुर्माने के तौर पर उनसे 6 करोड़ 71 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. साथ ही विद्युत वितरण कंपनी की ओर से नियमों के अनुसार निम्नलिखित कार्यवाही की गई.

साल भर में 4.51 लाख यूनिट चोरी

बिजली मीटर से छेड़छाड़ कर बिजली चोरी करने पर महावितरण ने 6 करोड़ 71 लाख सात हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. इसमें से फिलहाल डेढ़ करोड़ बकाया है. शेष राशि वसूल कर ली गई है. वर्ष 2023 में विद्युत वितरण कंपनी के उडनदस्ते ने कार्रवाई कर चार लाख 51 हजार यूनिट की बिजली चोरी पकड़ी है. खासकर ग्रामीण क्षेत्र के नागरिक बड़े पैमाने पर बिजली के तारों पर हुक डालकर बिजली चोरी करते है. इसमें टीम ने रंगे हाथ पकड़कर इस बिजली चोरी का पर्दाफाश कर दिया. ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली चोरी की दर अधिक पाई गई. खुलासा हुआ है कि, शहरी क्षेत्र में भी बिजली चोरी की जा रही है. इस बिजली चोरी से महावितरण को करीब छह करोड़ का नुकसान हुआ. उडनदस्ते की ओर से चलाए गए ऑपरेशन में 572 लोगों को बिजली मीटरों से छेड़छाड़ करते हुए पकड़ा गया है. समझौता के बाद वसूली की कार्रवाई की गई है.

बिजली चोरी रोकना हर किसी की जिम्मेदारी : गिरि

बिजली चोरी करना कानूनन अपराध है. यदि कहीं भी बिजली चोरी होती है तो नागरिकों को इसकी सूचना विद्युत वितरण कंपनी को देनी चाहिए. बिजली चोरी रोकना हर किसी की जिम्मेदारी है.

-राजेंद्र गिरि, अधीक्षक अभियंता, महावितरण, भंडारा.