आज के बंद की ओर सबकी नजर, बंद सफल रहेगा या फिर फ्लॉप, भाजपा व्यापार आघाडी ने दिया जिला प्रशासन को निवेदन

    व्यापारियों को सुरक्षा देने की मांग

    भंडारा. लखीमपुर हिंसा को लेकर राज्य की महाआघाडी सरकार में शामिल सभी राजनीतिक दलों ने सोमवार 11 अक्टूबर को राज्यव्यापी बंद का ऐलान किया है. वहीं नवरात्रि से पटरी पर लौटे व्यापार को सोमवार को बंद करने के मूड में भंडारा के व्यापारी नहीं है. उनका कहना है कि मंगलवार को साप्ताहिक अवकाश है. त्योहारी सीजन में दो दिन दुकानों को बंद रखने से उन्हें नुकसान का सामना करना पडेगा. ऐसे में बंद को लेकर व्यापारी समुदाय उलझन में है कि बंद में शामिल हो या फिर अपनी दुकानें शुरू रखे. 

    समर्थकों ने की तैयारी

    दूसरी ओर राष्ट्रवादी कांग्रेस, कांग्रेस एवं अन्य दलों ने बंद को सफल बनाने की पूरी तैयारी कर ली है. इसके लिए उन्होंने कुछ व्यापारी एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक ली एवं रणनीति तैयार की है.

    भाजपा व्यापारी आघाडी विरोध में

    भाजपा व्यापारी आघाडी ने 11 अक्टूबर के बंद का के मद्देनजर जिलाधिकारी को पत्र लिखा एवं आग्रह किया कि जो व्यापारी दुकान खोलने के लिए इच्छुक है. उन्हे सुरक्षा प्रदान की जाए. उधर जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन ने व्यापारियों को पूरी सुरक्षा को लेकर विश्वास दिलाया है. 

    बंद से व्यापार को नुकसान − मयूर बिसेन

    भारतीय जनता पार्टी जिला संयोजक मयूर के नेतृत्व में व्यापारियों के जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन को एक निवेदन सौंपा. शिष्टमंडल में प्रकाश पिंपलापुरे, आनंद बलवानी, राजकुमार भोजवानी, दिनेश अग्रवाल, मनोज वंजानी, दीपक भोजवानी, धीरज हरदेनिया, निलेश गोखले एवं कैलाश पांडे का का समावेश था. 

    सुरक्षा दें प्रशासन

    निवेदन में कहा गया है कि 11 अक्टूबर को आयोजित बंद में शामिल नहीं होने की स्थिति में व्यापारियों एवं उनके दुकान को नुकसान पहुंचाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. बंद के लिए जोर जबरदस्ती नहीं होनी चाहिए. कोरोना की वजह से व्यापारियों ने भारी नुकसान का सामना किया है. अब जाकर बाजार की हालत ठीक हो रही है. हर बार बंद में व्यापारियों को ही निशाना ठीक नहीं है. 

    अभी तो बंद हुआ था

    किसानों के मुद्दे को लेकर हुए बंद सोमवार को ही हुआ था. सोमवार के पश्चात  मंगलवार को साप्ताहिक अवकाश की वजह से 2 दिन दुकानें बंद रहने की वजह से व्यापारी एवं नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा था.

    फिलहाल नवरात्रि है. दुकानों में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ रही है. विगत 2 साल में नुकसान व्यापारियों ने उठाया है. उन्हे डर है कि आए दिन होने वाले बंद की वजह से व्यापारी एवं दुकानों में काम कर रहे कामगारों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है.

    जोर जबरदस्ती न हो

    जिले के व्यापारियों की भावना है कि 11 अक्टूबर को आयोजित भंडारा जिले के व्यापारियों को शामिल होने के लिए जोर जबरदस्ती ना करें. 

    सुरक्षा मांगी

    व्यापारियों के भावनाओं को राजनीतिक दल समझेंगे एवं बंद के लिए दबाव नहीं बनाएंगे. लेकिन संभव है कि बंद के दौरान उत्साह या फिर द्वेष भावना में व्यापारी एवं उनके दुकानों को नुकसान पहुंचाने की करतूत से  इनकार नहीं किया जा सकता. इस संभावित खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा जिले के व्यापारियों को आवश्यक संरक्षण देने की मांग भारतीय जनता पार्टी जिला व्यापारी आघाडी की ओर से की गई है.

    प्रशासन ने लिया सुरक्षा का जिम्मा

    भाजपा जिला व्यापारी व्यापारी मुख्य संयोजक मयूर बिसेन ने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी कदम से संपर्क किया. जिलाधिकारी के निर्देश पर आरडीसी पाटिल ने दुकानदार एवं दुकानों की सुरक्षा का विश्वास दिया है. इसके अलावा पुलिस प्रशासन भी सुरक्षा को लेकर अनुकूल है.

    मयूर बिसेन ने बताया कि बंद में शामिल होने के लिए कोई जोर जबरदस्ती नहीं कर सकता. इसके बावजूद अगर कोई परेशान करें तो व्यापारियों को अपने नजदीकी पुलिस से संपर्क करना चाहिए तथा उसकी जानकारी भाजपा जिला व्यापारी आघाडी को देने का आह्वान उन्होंने किया.

    आज के बंद पर सबकी नजर

    उल्लेखनीय है कि 15 दिन पूर्व ही कांग्रेस द्वारा आयोजन भंडारा जिले में पूरी तरीके से असफल रहा था. इस पृष्ठभूमि में 11 अक्टूबर को आयोजित बंद को सफल बनाने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस ने अपनी पूरी शक्ति झोंक दी है. वहीं दूसरी ओर भाजपा व्यापारी आघाडी एवं अन्य व्यापारी संगठनों द्वारा विरोध करने के ऐलान की वजह से संभव है कि बंद विरोधक एवं समर्थकों के बीच नोकझोंक हो सकती है. ऐसे में जिला प्रशासन में पुलिस प्रशासन को पूरे जिले में सतर्कता बढ़ानी होगी.