बारिश नहीं होने के कारण तहसील में खरिफ फ़सल बांधों के पानी पर होगी निर्भर

    लाखांदूर. इस वर्ष के बारिश में तहसील में केवल एक बार अतिवृष्टी दर्ज की गई है. हालांकि इस वर्षा के पानी से किसानों की धान रोपाई भी नहीं की गई. बल्की तहसील के चौरास एवं झाडीपटटी आदी दोनों क्षेत्रों में बांध के पानी से रोपाई की गई है. इस बीच पिछले कुछ दिनों से तहसील में बारिश नहीं होने के कारण इस वर्ष खरिफ फ़सल बांधों के पानी पर निर्भर होने की चर्चा तहसील के किसानों में की जा रही है.

    तहसील में दो बांधों के तहत सिंचाई सुविधा 

    भंडारा एवं गोंदिया आदी दो जिलों के दो बांधों के तहत तहसील के किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध की जा रही है. इस सुविधा के तहत तहसील के चौरास क्षेत्र में भंडारा जिले के गोसीखुर्द बांध के बायी नहरों के तहत सिंचाई सुविधा उपलब्ध की जा रही है. 

    जबकी तहसील के झाडीपटटी क्षेत्र में गोंदिया जिले के इटियाडोह बांध के तहत सिंचाई सुविधा उपलब्ध की जा रही है. हालांकि चौरास क्षेत्र में कुछ किसानों द्वारा कृषी बिजली पंप के तहत सिंचाई सुविधा उपलब्ध की जा रही है.

    तहसील में लगभग 95 प्रश. धान रोपाई पुरी 

    इस वर्ष के खरिफ में पर्याप्त बारिश नहीं होने के बावजुद कृषी बिजली पंप एवं बांधों के तहत नहरों द्वारा सिंचाई के लिए उपलब्ध पानी से तहसील में लगभग 95 प्रतिशत धान रोपाई पुरी हुई है. 

    हालांकि विभिन्न सिंचाई सुविधा के तहत धान रोपाई पुरी किए जाने के बावजुद तहसील में पिछले कुछ दिनों से बारिश नहीं होने के कारण किसानों में चिंता देखी जा रही है. 

    इटियाडोह बांध में लगभग 31% जल संग्रहण 

    इस वर्ष के बारिश में इटियाडोह बांध क्षेत्र में पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण इस बांध में आवश्यक जल संग्रहण नहीं हुआ है. हालांकि पिछले कुछ दिनों पुर्व बांध में न्यूनतम जल संग्रहण से कम मात्रा में पानी होने के बावजुद किसानों द्वारा रोपाई के लिए पानी छोडने की मांग किए जाने से कुछ मात्रा में पानी छोड़ा गया था. 

    लेकीन कुछ दिनों से इस क्षेत्र में बारिश नहीं होने के कारण इटियाडोह बांध में केवल 31 प्रतिशत जलसंग्रहण होने की जानकारी है. जिसके अनुसार बारिश नहीं होने पर इस बांध के तहत खरिफ में लगाए गए फसलों की सिंचाई के लिए बांध में 5 दलघमी पानी शेष रखकर संग्रहण का अन्य पानी सिंचाई के लिए उपलब्ध किया जाने की जानकारी दी गई है. 

    कुल मिलाकर इस वर्ष बारिश के अगले कुछ नक्षत्रों में पर्याप्त बारिश नहीं होती है तो तहसील के किसानों की खरिफ फ़सल बांधों के पानी पर निर्भर होने की चर्चा की जा रही है