Desi Daru, Desi Liquor

  • आबकारी विभाग की अनदेखी

लाखांदूर. सरकार की ओर से तय की गई कीमतों से अधिक कीमत पर लाइसेंस प्राप्त देशी शराब की दूकानों से अधिक कीमत पर अवैध रूप से शराब बेची जा रही है, बावजूद संबंधित विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. कार्रवाई नहीं होने से शराब खरीददारों में आक्रोश है.

जानकारी के अनुसार लाखांदूर तहसील में देशी शराब की खुदरा बिक्री के लिए लगभग 10 लाइसेंस प्राप्त दूकानें है. दूकान खुदरा में नियमित देशी शराब भी बेची जाती है. हालांकि बिक्री के समय 180 मिली की क्षमता वाली देसी शराब की बोतल की कीमत 52 रुपये है. जबकि 8 रुपये अधिक के वसूली जाकर 60 दर रुपये से बेची जा रही है. एक देशी शराब की 90 मिलीलीटर की बोतल 35 रुपये में बेची जा रही है. जिसकी कीमत 26 रुपये और 9 रुपये अधिक के लिए जा रहे हैं.

दूकानदारों पर कार्रवाई की मांग

शराबियों की ओर से सरकार के राज्य आबकारी विभाग को कारोबारियों की इन कारगुजारियों की जानकारी होने के बावजूद जानबूझकर आंखे मूंदे है. इस बीच अवैध शराब डीलरों की ओर से शराब की बिक्री मूल्य में वृद्धि की बात की जा रही है. लाइसेंस प्राप्त दूकानों के तहत घरेलू शराब अधिक दर पर बेची जा रही है.

वर्तमान में तहसील में ग्राम पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने के साथ यह कहा जा रहा है कि गांव में शराबी मतदाताओं के लिए अच्छे दिन आ गए है. हालांकि लाइसेंस प्राप्त दूकानदारों की ओर से घरेलू शराब की कीमत में कृत्रिम वृद्धि से नाराजगी है. सरकार को उन दूकानों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए जो कि ज्यादा दरों पर शराब बेच रहे हैं. सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य पर शराब बेचने के लिए आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए.