न.प. द्वारा बकाया टैक्स धारको को न्यायालय का नोटिस देने से नागरिकों में तीव्र असंतोष, विरोधियों ने की कार्रवाही बंद करने की मांग

    तुमसर. न.प. द्वारा बकाया मालमत्ता व पानी पट्टी टैक्स धारको को न्यायालय का नोटिस दिए जाने से शहर के नागरिकों में न.प. प्रशासन के खिलाफ तीव्र असंतोष निर्माण हुआ है. एवं सत्तारूढ़ पदाधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर तरह तरह की चर्चाएं व्याप्त है.

    गत 2 वर्ष से जारी कोरोना संक्रमण के चलते सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार के टैक्स अदा करने में छूट दी गई थी. लेकिन अभी कोरोना खत्म हुआ ही नहीं तो न.प. प्रशासन द्वारा मालमत्ता धारकों को न्यायालय के माध्यम से ब्याज के साथ टैक्स अदा करने का नोटिस जारी किया गया है. 

    जबकि न्यायालय के नोटिस जारी करने के पूर्व न.प. द्वारा सबंधित टैक्स धारक को 3 नोटिस अदा करना आवश्यक था. लेकिन न.प. प्रशासन द्वारा वैसा नहीं करते हुए सीधे कोर्ट के नोटिस जारी कर शहर के नागरिकों को मानसिक रुपसे परेशान करना शुरु किया गया है. इसमे कुछ टैक्स धारक ऐसे हैं जिनपर कोरोना काल एवं चालू वर्ष का ही टैक्स बकाया है. 

    स्थानीय स्वाराज संस्था के माध्यम से नागरिकों के हित को मद्देनजर रख निर्णय लेना आवश्यक होने के बावजूद वर्तमान में न.प. प्रशासन द्वारा शहर के नागरिकों से कर्जदार अथवा आरोपियों की तरह टैक्स वसूल करने का सिलसिला प्रारंभ किया गया है. फिर भी वर्तमान सत्ताधारी चुप्पी साधे क्यो बैठे हुए ऐसा सवाल विरोधियों द्वारा किया जा रहा है.

    सख्ती से की जा रही वसूली तत्काल बंद करे;-तीतिरमारे

    प्रदेश कांग्रेस सचिव प्रमोद तीतिरमारे ने कहा कि, न.प. प्रशासन द्वारा नागरिकों को न्यायालय का नोटिस देकर सख्ती से की जा रही टैक्स वसूली तत्काल बंद करे. न.प. की अन्यायपूर्ण नीति कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेंगी. आवश्यकता पड़ने पर नागरिकों के साथ सड़को पर उतर कर आंदोलन करेंगी.

    नोटिस जारी करने के पूर्व पदाधिकारीयो को नहीं लिया गया विश्वास में :- रगड़े

    शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व पूर्व नगराध्यक्ष अमरनाथ रगड़े ने कहा कि, न.प. प्रशासन के माध्यम से टैक्स वसूली के लिए की जा रही कार्रवाही अन्यायपूर्ण है. इसका वह विरोध करते हैं. नोटिस जारी करने के पूर्व न.प. पदाधिकारियों को विश्वास में लेना आवश्यक था. उन्होंने तत्काल कार्रवाही बंद करने की मांग की गई है.

    न.प. प्रशासन के खिलाफ करेंगे आंदोलन:- बाला ठाकुर

    नगरसेवक राजेश (बाला) ठाकुर ने कहा कि, शहर के मालमत्ता धारकों को जारी किए न्यायालय के नोटिस से नगरवासियों को काफी आघात पंहुचा है. जब सरकार द्वारा कोरोना काल में टैक्स नहीं वसूलने के निर्देश दिए गए थे. तब उस टैक्स पर ब्याज लगाना एवं न्यायालय के नोटिस भिजवाना कहा तक उचित है. उन्होंने कार्रवाही तत्काल बंद करने की मांग की गई है. अन्यथा आंदोलन छेड़े जाने की चेतावनी दी गई है.

    न्यायालय के माध्यम से शुरु की गई वसूली बंद करे:- मेहताबसिंह ठाकुर

    नगरसेवक मेहताबसिंह ठाकुर द्वारा मुख्याधिकारी को निवेदन देकर न्यायालय के माध्यम से की जा रही टैक्स वसूली बंद करने की मांग की गई है. उनका टैक्स वसूली के लिए विरोध नहीं होकर मालमत्ता व पानी पट्टी कर दाताओं को भेजे गए नोटिस में न्यायालय का उल्लेख होने से नागरिकों की भावनाओं को गहरी ठेस पँहुची हैं.