AIPEF appeals to all MPs to oppose the Electricity Amendment Bill

    • भाजपा का ज्ञापन प्रहार का जनाक्रोश आंदोलन 

    लाखांदूर. सरकार द्वारा खरिफ के तहत धान खरिदी के लिए बुनियादी धान खरिदी केंद्र शुरु नहीं किए गए है. जिसके कारण विभिन्न धान उत्पादक किसान आर्थिक संकट में पाए जा रहे है. इस बीच बिजली कंपनी के तहत पिछले सितंबर से नियमित बिजली बिल का भुगतान नहीं होने पर कृषी पंपों की बिजली काटने की कार्रवाई की जा रही है. 

    इस कार्रवाई का विरोध कर कृषी पंपों की काटी हुई बिजली तुरंत जोडने की मांग को लेकर तहसील के भाजपा द्वारा 16 नवंबर को ज्ञापन दिया गया है. जबकी तहसील के प्रहार जनशक्ती पार्टी द्वारा 20 नवंबर को किसान जनाक्रोश आंदोलन का आयोजन किया गया है. 

    प्राप्त जानकारी के अनुसार इस वर्ष खरिफ के तहत किसानों द्वारा लगाए गए धान फसल की कटाई एवं चुराई पुरी हुई है. धान फसल की कटाई पुरी होने से किसानों द्वारा कृषी बिजली पंपों की सहायता से सिंचाई कर विभिन्न रबी फसलों की बुआई की जा रही है. 

    इस बीच खरिफ में चुराई कुए गए धान फसल के खरिदी के लिए सरकार द्वारा बुनियादी खरिदी केंद्र शुरु नहीं किए गए है. जिसके कारण तहसील के विभिन्न कृषी बिजली पंप धारक किसानों सहित अन्य धान उत्पादक किसान आर्थिक संकट में देखे जा रहे है. 

    हालांकि तहसील के विभिन्न कृषी बिजली पंप धारक किसानों द्वारा धान कटाई हूए खेतों में सिंचाई सुविधा के तहत विभिन्न रबी फसलों की बुआई की जा रही है. किंतु पिछले कुछ दिनों से बिजली कंपनी द्वारा पिछले सितंबर से नियमित बिजली बिल का भुगतान नहीं होने पर पंपों की बिजली काटि जा रही है. इस कार्रवाई का विरोध कर धान खरिदी के तहत प्राप्त राशि से किसानों द्वारा बिल भुगतान किए जाने की चेतावनी दी गई है. 

    हालांकि स्थानीय बिजली कंपनी के उप अभियंता को तहसील भाजपा के तहत ज्ञापन सौपते समय पुर्व जिप सदस्य वामन बेदरे, तहसील भाजपा अध्यक्ष विनोद ठाकरे, पुर्व उपसभापती नुतन कांबले, पुर्व नगरसेवक नरेश खरकाटे, गोपाल त-हेकर, सरपंच प्रभाकर मेंढे, पुरुषोत्तम ठाकरे, राहूल नाकतोडे, देवीदास राऊत सहित अन्य पदाधिकारी कार्यकर्ते व किसान उपस्थित थे. 

    इस बीच 20 नवंबर को कृषी पंपों की बिजली काटने के विरोध में तहसील के प्रहार जनशक्ती पार्टी द्वारा प्रहार जिला उपप्रमख धनराज हटवार, साकोली विधानसभा प्रमुख चांद्रशेखर टेंभूर्णे, तहसील प्रमुख प्रकाश नाकतोडे सहित अन्य पदाधिकारी, कार्यकर्ता व किसानों के नेतृत्व में किसान जनाक्रोश आंदोलन का आयोजन किया गया है.