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    लाखांदूर :  खरीफ फसल के दौरान इस वर्ष अपर्याप्त वर्षा तथा विभिन्न कीट रोगों के फैलाव के कारण धान फ़सल के उत्पादन में गिरावट आने की आशंका व्यक्त की जा रही है. इस कारण धान उत्पादक किसानों में चिंता की लहर दौड़ पड़ी है.  प्राप्त जानकारी के अनुसार इस वर्ष खरीफ फसल में तहसील के कुल 26000 हेक्टेयर क्षेत्र में धान फ़सल लगाई गई है.

    इस दौरान पर्याप्त मात्रा में वर्षा न होने के कारण किसानों द्वारा विभिन्न सिंचाई सुविधा के तहत फ़सल की रोपाई व बुआई की गई है. हालांकि लगाए गए फ़सल पर प्रारंभ में खोडकीड़ा व गादमास जैसे कीड़ों का बडी मात्रा में प्रादुर्भाव होने से किसानों द्वारा फ़सल बचाने के लिए विभिन्न उपाय योजनाए भी गई हैं.

    विभिन्न महंगे किट प्रतिबंधक दवाइयों का छिड़काव करने के बावजूद तहसील के कुछ क्षेत्र में फ़सल संकट में होने की जानकारी दी गई है, जबकी पिछले कुछ दिनों से धान फ़सल पर तुडतुडा रोग का प्रादुर्भाव देखा जाने से किसानों में खलबली मची है. इस बीच वापसी के बारिश का ड़र एवं किटरोगों के प्रादुर्भाव से परेशान किसानों में फ़सल के उत्पादन के गिरावट की चिंता व्यक्त की जा रही है.

    तहसील में 43 स्थानों पर फ़सल कटाई प्रयोग 

    इस वर्ष खरिफ के तहत लगाए गए धान फ़सल के औसत उत्पादन के अनुमान तय करने के लिए सरकार के कृषि, राजस्व तथा जिला परिषद आदि तीन विभागों के तहत तहसील में कुल 43 स्थानों पर फ़सल कटाई प्रयोग किए जाने की जानकारी दी गई है, जिसके अनुसार इस वर्ष खरीफ में लगाए गए धान फ़सल की उत्पादकता तय कर किसानों के संभाव्य आर्थिक स्थिति का अनुमान लगाया जाने की जानकारी तहसील कृषि अधिकारी दीपक पानपाटील ने दी है.