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    भंडारा. जिले में पिछले सप्ताह भर से कहीं झमाझम तो रिमझिम बारिश हो रही है. जिले में एवं जिले के समीप अतिवृष्टी होने से नदी, नाले उफान पर है. जिससे गोसी प्रकल्प में पानी का बडे पैमाने पर संग्रहण होने से पानी का विसर्ग शुरू है. इस वर्ष जिले में अभीतक 89 प्रश. बारिश दर्ज की गयी होकर 1057.7 मिमी. बारिश दर्ज की है. यह दर्ज पिछले वर्ष से 56 मिमी. से कम है. 

    आपदा संकट में फंसा किसान

    पिछले वर्ष जिले में आए अस्मानी एवं सुलतानी संकट की वजह से किसान चिंता में है. उत्पादन में घट आने से किसान आर्थिक दुष्टी से परेशान हुआ है. एक ओर कोरोना का संकट तो दुसरी ओर नैसर्गिक संकट ऐसे दुहेरी संकट में अटका किसानों की आस इस वर्ष के खरीप मौसम पर थी. 

    हलके जाति के धान को बडा नुकसान 

    बारिश के मौसम में शुरूआत में ही समाधानकारक बारिश तो बीच के समय में बारिश ने लापता हुई थी, विश्रांती ली थी जिससे किसानों की चिंता बढी थी. किंतु पिछले सप्ताह भर से कहीं झमाझम तो कहीं रिमझिम बारिश होने से फिर से किसानों की आस बढी है. किंतु वापसी की बारिश ऐसे ही शुरू रही तो हलके जाति के धान को बडा नुकसान होने की आशंका किसानों ने जताई है. 

    धान फसल पर कीटों का प्रादुर्भाव 

    धान फसल को करपा, गादमाशी, खोडकिडा ऐसे कीटों का प्रादुर्भाव होने से किसानों की धान फसल उध्वस्त हो रही है. तो दुसरी ओर वन्य प्राणियों के आतंक से धान फसल का नुकसान हो रहा है. कीटों के प्रादुर्भाव के कारण किसान महंगी दवाईयों का छिडकाव कर रहा है. छिडकाव करने पर भी उपयोग शून्य ही होने से किसानों में चिंता देखी जा रही है. एवं आर्थिक नुकसान भी सहना पड रहा है. 

    पिछले वर्ष 1057.7 मिमी. बारिश दर्ज

    18 सितंबर 2021 को जिले में औसतन 7.3 मिमी. बारिश दर्ज की गयी. अभीतक 1057.7 मिमी. बारिश दर्ज की. पिछले वर्ष 18 सितंबर 2020 को 1113.8 मिमी. बारिश दर्ज की गयी थी. पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 56 मिमी. बारिश कम हुआ है. अभीतक केवल 89 प्रश. बारिश दर्ज की गयी. 

    सोमवार को झमाझम बारिश ने दी दस्तक 

    सोमवार को सुबह से ही बादल छाएं एवं झमाझम बारिश ने दस्तक दी. करीब चार पांच घंटे बारिश होती रही. बारिश की वजह से सुबह से ही कार्यालय, दुकान एवं अन्य कामों के लिए बाहर जानेवालों को परेशानी का सामना कर रेनकोट, छत्री ले जाते हुए देखा गया. दोपहर के पश्चात आसमान साफ एवं बदरिला दिखायी दे रहा था. समाचार लिखे जाने तक बारिश आने के आसार बने हुए थे.