ST Strike
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    • काम पर लौटनेवालों की संख्या बढी

    भंडारा. एसटी की हडताल का समाधान नहीं निकल सका है. यात्री को परेशान हो रहे है. एसटी का घाटा दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है. लेकिन इस हडताल की मार खुद एसटी कर्मचारियों के परिवार भी झेल रहे है. जिन एसटी कर्मी के कंधे पर भरे पूरे परिवार की जिम्मेदारी वे अपने भविष्य को लेकर चिंतित है.

    ऐसा कुछ कर्मचारियों ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया कि वे काम पर लौटना चाहते है, लेकिन साथियों के अभद्र बर्ताव से डरते भी है. उन्हे एसटी प्रशासन द्वारा संरक्षण देने के वादे पर पूरा भरोसा नहीं हो पा रहा है. इस बीच एसटी के लिए राहत की बात यह है कि कुछ डिपो में काम पर लौटने वाले कर्मियों की संख्या बढी है. वहीं एसटी ने निलंबित 265 कर्मियों को बर्खास्त करने की दिशा में कड़ा कदम उठाते हुए उनके खिलाफ इन्वायरी का आदेश जारी किया है.

    साकोली से बस जारी

    भंडारा विभाग में साकोली एवं भंडारा के बीच नियमित रूप से 2 बसों का आना जाना सोमवार को भी जारी रहा. इससे सैकड़ों की संख्या में यात्रियों को सुविधा हुई.

    10 वाहक लौटे : चालक का इंतजार

    एसटी के लिए सोमवार को दिन राहत भरा साबित हुआ. सोमवार को कुल 10 वाहक काम पर लौटे. इसमें भंडारा में 1, पवनी में 1, गोंदिया में 5, तिरोडा में 2, तुमसर में 1 वाहक ने काम संभाला. सूत्रों ने बताया कि अगर चालक उपलब्ध होते है तो इन डिपो से बसों को सड़क पर उतारा जा सकेगा. वाहक चालक एवं प्रशासकीय सेवा में लगभग 100 कर्मी काम पर लौट चुके है.

    45 का हुआ तबादला

    एसटी ने हड़तालियों के हौसले को तोड़ने के लिए लंबे समय से एक ही डिपो में काम कर रहे कर्मियों का तबादला करने की नीति अपनाई है. इसके तहत रविवार तक 25 का तबादला हुआ था. सोमवार को 20 का तबादला किया. इसके साथ ही 45 कर्मियों को लंबी दूरी के डिपो में भेजा गया है.

    गरीब पृष्ठभूमि के कर्मियों में चिंता

    एसटी में काम कर रहे ज्यादातर कर्मचारी यह गरीब एवं मध्यम वर्ग से आते है. कई कर्मचारी ऐसे भी है जिनकी सेवानिवृत्ति में ज्यादा समय नहीं रहा है. हडताल को महीने भर से ज्यादा समय बीत चुका है. एसटी प्रशासन ने कार्रवाई का सिलसिला प्रारंभ किया है. जिससे सीधे साधे कर्मियों में अपने भविष्य को लेकर चिंता व्याप्त है.

    यह सीधे साधे कर्मचारी दबंग नेताओं के डर से काम पर लौटने की हिम्मत नहीं कर पा रहे है. भंडारा डिपो के कुछ कर्मियों ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया कि हड़ताली कर्मियों के घर में भविष्य को लेकर बेहद चिंता है. बच्चों की पढ़ाई, शादी अभी बाकी है. अगर नौकरी चली गयी तो निजी ट्रेवल्स में डेली वेजेस पर काम करने के अलावा कोई चारा नहीं रहेगा.

    आज मिलेगा वेतन

    मंगलवार को एसटी के कर्मचारियों की बढी वेतनश्रेणी के अनुसार वेतन मिलेगा. जो काम पर लौटे है, उनके लिए यह बड़ा दिन होगा.