एस.टी. कर्मचारियों के परिवारों के साथ ठिय्या आंदोलन, आंदोलनकर्ताओं में रोष

    • यात्रियों को परेशानी 

    भंडारा. एस.टी. महामंडल को राज्य सरकार में विलीनीकरण कर उनको राज्य कर्मचारियों जैसा पगार व भत्ता देने की मांग को लेकर राष्ट्रीय मुलनिवासी बहुजन कर्मचारी संगठन द्वारा बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय के सामने धरना आंदोलन किया गया. 

    भंडारा डीपो के कर्मचारी 2 नवंबर से बेमियादी हडताल पर है. उस अनुषंग से विधायक गोपीचंद पडलकर ने एसटी कर्मचारियों के न्याय मांगों लिए मुंबई में मंत्रालय के सामने मोर्चा निकालने की चेतावनी दी है. उनके आंदोलन को इस समय समर्थन दिया गया. एसटी कर्मचारियों का विलीनीकरण, कर्जमाफी, कामगार करार, मृत व आत्महत्याग्रस्त कर्मचारियों को 50 लाख रु. का बीमा राशी आदि प्रलंबित प्रश्नों पर राष्ट्रीय मूलनिवासी बहुजन कर्मचारी संघ ट्रेड युनियन राज्य परिवहन महामंडल शाखा द्वारा यह आंदोलन किया गया. 

    30 कर्मचारी निलंबित

    पिछले 12 दिनों से एसटी की हडताल शुरू होकर हडताल खत्म होने का दिखायी नहीं दे रहा है. अभी सरकार ने भारी नीति अपनाई है. इस दौरान भंडारा विभाग के  गोंदिया, तिरोडा, तुमसर डीपो के 30 कर्मचारियों को निलंबित करने की जानकारी है. किंतु अभीतक किसी भी कर्मचारियों को नोटीस नहीं मिला होने का बताया जा रहा है. तुमसर डीपो के 10 कर्मचारी निलंबित किए गए है. हडताल पिछे नहीं लेने पर ओर कर्मचारी निलंबित करने की जानकारी है. 

    एसटी को करोडों रु. का नुकसान 

    पिछले 12 दिनों से शुरू होनेवाले एसटी कर्मचारियों की हडताल की वजह से भंडारा विभाग का करोडों रु. का नुकसान हुआ है. इसका लाभ निजी वाहनधारक उठा रहे है. इसमें भी इन निजी वाहनधारकों की मनमानी बढी होकर यह वाहनधारक कपडों की बैग रखने के लिए भी टीकट ले रहे है. जिससे इन निजी वाहनधारकों के विरोध में सामान्य यात्रियों में रोष फैला हुआ है.