Students Protest, Bhandara

  • विधायक भोंडेकर ने मांगी 15 दिन में रिपोर्ट
  • सीबीएसई स्कूल का आंदोलन

भंडारा. स्थानीय 4 सीबीएसई शालाओं को कटघरे में खड़ा कर जिप भवन के सामने शिक्षा बचाओ आंदोलन चल रहा है. सोमवार को स्थानीय शालाओं के विद्यार्थी एवं अभिभावक आंदोलन के मंच पर इकठ्ठा हुए. इन छात्रों ने अपनी अपनी शिकायतें सुनाई. बाद में माध्यमिक शिक्षाधिकारी डोर्लीकर व प्राथमिक शिक्षाधिकारी बारसकर के साथ बच्चों को रूबरू कराया गया.

स्थानीय विधायक नरेंद्र भोंडेकर ने मध्यस्थता की. शिक्षा विभाग को मामले की 15 दिनों में जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है. विधायक भोंडेकर ने कहा कि सीबीएसई शालाओं पर राज्य के शिक्षा विभाग का नियंत्रण का दायरा क्या है? यह स्पष्ट होना चाहिए. ताकि सभी संबंधित पक्षों का समाधान हो सके.

2 घंटे चली बहस

आंदोलनकारी समिति ने चर्चा में मांग की कि भंडारा शहर की चार सीबीएसई शालाओं ने 100 करोड़ की फीस इकठ्ठा की है. शुल्क अधिनियम 2014 के अनुसार कारवाई कर फीस वापिस करें. शालाओं पर प्रशासक नियुक्त करें. अवैध टीसी के संबंध में सरकार अपनी भूमिका स्पष्ट करें. शिक्षणाधिकारी के दफ्तर में करीब 2 घंटे तक बहस चली. विधायक नरेंद्र भोंडेकर ने बीचबचाव किया. अधिकारियों से प्राप्त शिकायतों की जांच करने को कहा है. जांच रिपोर्ट 15 दिन में पेश करने को कहा गया है.

शिक्षा विभाग सच बताए : भोंडेकर

विधायक नरेंद्र भोंडेकर ने बताया कि वह जनप्रतिनिधि होने के नाते आंदोलन स्थल पर गए थे. उन्होंने आंदोलनकारियों से कहा है कि किसी पूर्व ग्रह की वजह से आंदोलन नहीं होना चाहिए. सीबीएसई शालाओं पर राज्य के शिक्षा विभाग का नियंत्रण का दायरा क्या है? यह स्पष्ट होना चाहिए.

जानबूझकर दुष्प्रचार : पाल

प्राचार्या शेफाली पाल ने बताया कि नियम के अनुसार शैक्षणिक वर्ष की समाप्ति बच्चों को टीसी देने में कोई आपत्ति नहीं होती, किंतु शैक्षणिक वर्ष के बीच में टीसी मांगी गयी थी. जिस पर नियम के अनुसार बकाया फीस मांगी थी. अभिभावक एवं शिक्षा विभाग को बता दी गई है.