शराब बंदी के लिए महिलाओं ने निकाली रैली, मोहरणा गाव की घटना

    लाखांदूर. पिछले कुछ दिनों पुर्व क्षेत्र के गवराला व डांभेविरली गाव के महिलाओं ने पहल कर पुलिस प्रशासन की सहायता से गाव में शराब बंदी की है. इस समाजोपयोगी कार्ये की दखल लेकर तहसील मोहरणा गाव के महिलाओं ने पहल कर शराबबंदी के लिए गाव में रैली निकालकर ग्रामिणों में जनजागृती की गई  है. उक्त रैली 22 सितंबर को दोपहर 4 बजे के दौरान स्थानीय मोहरणा के महिलाओं द्वारा निकाली गई है. 

    प्राप्त जानकारी के अनुसार तहसील के मोहरणा गाव में पिछले कुछ महिनों से अवैध रुप से देशी विदेशी शराब बेची जा रही है. जिसके कारण गाव में शराबियों द्वारा नशे में धूत अवस्था में गाव में नियमित रुप से विवाद होने से गाव में कानून व सुव्यवस्था बनाए रखने में परेशानी होने का आरोप लगाया गया है. 

    इस बीच क्षेत्र के गवराला व डांभेविरली गाव के महिलाओं द्वारा पिछले कुछ दिनों पुर्व गाव में अवैध रुप से देशी विदेशी शराब की विक्री किए जाने के आरोप में गाव के ही कुछ व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत कर मामला दर्ज किया गया था. जिसके कारण दोनों ही गावों में शराबबंदी देखी जा रही है. 

    इसी कार्ये से प्रेरित होकर तहसील के मोहरणा के महिलाओं ने स्थानीय मोहरणा गाव में शराब बंदी के लिए रैली निकालकर ग्रामिणों में जनजागृती की गई है. इस दौरान स्थानीय मोहरणा में नियमित रुप से शराब बंदी के लिए स्थानीय महिलाओं की शराब बंदी समिती का गठन किया गया है. 

    जिसके अनुसार शराब बंदी समिती अध्यक्ष के रुप में  रीना चौधरी, सचिव त्रिशीला उके, उपाध्यक्ष प्रभा भानारकार, सुनीता गजघाटे, बेबी मेश्राम, सरिता देसाई, लता कुत्तरमारे, कांता लांडगे, शारदा नागोसे, गीता बोरकर, सुद्धामता मेश्राम, इंदिरा बगमारे, चित्रा मेश्राम, प्रांजली भानरकार, साजन वकेकर, सुनीता मेंढे, संजना बगमरे, शीतल नागोसे आशा चौधरी, चारुशीला गायकवाड, शारदा बाविस्कर, शारदा नखाते,  साधना नागोसे, मंजू भानरकार, प्रगती पिल्लेवान सहित अन्य महिलाओं की  समिती में नियुक्ती की गई है.