Wainganga River

  • समृद्धि महामार्ग, भेल प्रोजेक्ट, पांडे महल म्यूजियम, मेडिकल व इंजीनियरिंग हों प्राथमिकताएं

भंडारा. भंडारा जिला लंबे समय से जिन लक्ष्य पूर्ति का सपना संजोए हुए है. साल 2021 में भंडारा जिले की झोली खुशियां एवं संपन्नता भर जाएगी. जिला हर लिहाज से संपन्न है. समृद्ध वन क्षेत्र, सहाप्रवाही नदियां, हजारों तालाब, धान उत्पादन, सब्जी उत्पादन, समृद्ध मत्स्योत्पादन, बहुमूल्य खनिज की संपन्नता पर जिले के मध्य से गुजरता नेशनल हाईवे व रेलवे लाइन की शानदार काम्बिनेशन शायद ही किसी क्षेत्र के नसीब में आया हो. किंतु विजन के अभाव में जिले में समृद्धि प्रवेश नहीं कर पा रही है.

भंडारा जिले को सर्वोत्तम बनाने नागरिकों द्वारा संजोए गए सपनों को पूरा करने की दृष्टि से में 2021 मिल का पत्थर साबित होना चाहिए. जिले में विदर्भ में नागपुर के बाद सबसे बड़ा जिला अस्पताल है. जानकार बताते है कि इसके पूर्व मेडिकल कालेज बड़ी आसानी से कार्यान्वित हो सकता है.

Gosekhurd Dam, Bhandara

पर्यटन पर जोर जरूरी

जिले के वन क्षेत्र, गोसीखुर्द जलाशय, तालाब, पहाड़ियां आकर्षक है. आंबागड किला, पवनी का परकोट, प्राचीन मंदिर, पुराने किले एवं मंदिरों के संरक्षण, संवर्धन एवं विकास कर जिले में रोजगारों को सृजन संभव है. वर्ष 2011 में जब पहली बार पांडे महल पर हथौडा पड़ा. जन आंदोलन के माध्यम से पांडे महल को बचाया. विधायक भोंडेकर के प्रयास से संरक्षण सूची में गया, लेकिन अब फिर एक बार भंडारा की धरोहर पर बूरी नजर पड़ी है. जिले की खेल प्रतिभाओं ने देश एवं विदेश में नाम कमाया है. लिहाज से जिले में बुनियादी सुविधाओं को अभाव है. तहसील व जिला क्रीड़ा संकुल की हालत संतोषजनक नहीं है. 

Pande Mahal, Bhandara

मिलेगी जिला महिला अस्पताल की सौगात

जिला विभाजन के बाद भंडारा में नवोद्यय विद्यालय एवं महिला अस्पताल से वंचित रखा गया था. नागरिकों के सामूहिक प्रयास से यह दोनों मांगे पूरी हुईं. जिले में पांचगांव में नई इमारत में नवोद्यय विद्यालय शिफ्ट हो चुका है. जबकि महिला अस्पताल की इमारत का निर्माण चल रहा है. 

वर्ष 2021 किसान व खेती की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण रहेगा. जिले में धान के तनस से इथेनाल प्रकल्प का वादा चुनाव पूर्व हुआ था. उम्मीद है सत्ता परिवर्तन के बावजूद इस पर काम होगा. जिले में हजारों हेक्टेयर में सब्जी उत्पादन होता है. किसान रेल के माध्यम से जिले के सब्जी उत्पादकों को नया बाजार मिल सकेगा. लाखनी-साकोली तहसील पर चारदीवारी से बंद 200 एकड़ से अधिक की अधिग्रहण भूमि से भंडारा जिलावासियों हो हजारों रोज़गार की उम्मीद थी. उम्मीद है कि 2021 में इस खाली पड़ी भूमि का औद्योगिक उपयोग हो सकेगा.