आगामी चुनाव का एजेंडा तय करेगा जिप अध्यक्ष उपाध्यक्ष चुनाव

    • पूरे राज्य की नजर : राकां प्रफुल पटेल नागपुर में
    • फडणवीस ने संभाली भाजपा की कमान
    • क्या नाना पटोले मना पाएंगे पटेल को?

    भंडारा. राज्य में पश्चिम महाराष्ट्र की राजनीति ने भंडारा जिले की राजनीति में अचानक दिलचस्पी लेना शुरू कर दिया है. कांग्रेस की विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि गांधी परिवार के समक्ष नाना पटोले की नकारात्मक छवि पेश करने के मकसद से कांग्रेस का गुट नहीं चाहता कि भंडारा जिप में कांग्रेस के नेतृत्व में सत्ता स्थापित हो. वरिष्ठ नेताओं की आपसी कटुता का खामियाजा कांग्रेस के नवनिर्वाचित जिप सदस्यों को भुगतना पड सकता है.

    जहां जिप सदन में सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद कांग्रेस को आत्मविश्वास नहीं है कि वह 10 मई मंगलवार को अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद के चुनाव में मुख्य भूमिका निभाएगी. उधर पटोले का मात देने की रणनीति का मुकाम पर पहुंचाने के लिए राकां नेता पटेल सोमवार रात में नागपुर पहुंचे. उसके अलावा खबर है कि भाजपा के निर्वाचित सदस्यों को एक साथ रखने के लिए राज्य में नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने कमान अपने हाथ में ली है, ऐसे में अब बहुत कम आसार है कि भाजपा में फूट पडेगी.

    नाना के झूकने का इंतजार

    सूत्रों की माने तो पंचायत समिति ने कांग्रेस को जो दर्द राकां ने दिया है. कांग्रेसी उससे उबर नहीं पाए है. उनका कहना है कि जब नाना पटोले ने राकां के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की. जयंत पाटिल ने पत्र जारी किया. इसके बावजूद भी भंडारा में विश्वासघात हुआ है. जिससे सोमवार को कांग्रेस के खेमे में राकां के खिलाफ में असंतोष की लहर देखी गयी. कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया कि यह सब नाना पटोले को हतोत्साहित करने की रणनीति के तहत हो रहा है.

    जिसमें बाहरी के साथ पश्चिम महाराष्ट्र के कांग्रेसी भी शामिल है, जिन्हे नाना पटोले की कार्यशैली खटक रही है. जिससे राकां हो या फिर पश्चिम महाराष्ट्र के प्रस्थापित कांग्रेसी नेता. सभी चाहते है कि नाना पटोले झुके. तभी शायद आखिरी समय में बात बन सकती है.

    क्या कांग्रेस को मिलेगा नाराज भाजपाइयों का साथ?

    एक दिन पहले तक यह दावा किया जा रहा है कि भाजपा के भीतर नाराज चल रहा 6 जिप सदस्यों का एक गुट का साथ लेकर सत्ता स्थापित कर सकती है. ऐसे में कांग्रेस को राकां की जरूरत भी नहीं रहेगी. साथ ही नाराज भाजपा अपना शक्ति प्रदर्शन कर पाटी श्रेष्ठी को संदेश दे सकते है.

    फडणवीस ने कमान संभाली?

    नाराज भाजपाइयों के कांग्रेस के साथ जाने की आशंका को लेकर कांग्रेस मुक्त राजनीति के लिए प्रयास कर रही भाजपा राज्य इकाई हरकत में आ गयी एवं भंडारा जिले में नवनिर्वाचित भाजपा सदस्यों को एक साथ रखने की जिम्मेदारी देवेंद्र फडणवीस को दी गयी. इसमें नाराज को मनाने का जिम्मा पूर्व पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को दिया गया है. बताया जाता है कि नाराज सदस्यों का नेतृत्व कर रहे भाजपा नेता के साथ बातचीत कर उन्हें मनाने की हरसंभव कोशिश की जा रही है. भाजपा के राज्यस्तरीय नेता ने दावा किया कि भाजपा में फूट का डर नहीं है. लेकिन भाजपा किंगमेकर बनेगी.

    साथ दें या लें? पटेल तय करेंगे

    भंडारा जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष चुनाव को लेकर फिलहाल कांग्रेस बैकफुट पर है. जबकि किसके साथ सत्ता स्थापित करना है? इसका फैसला करने की स्थिति में राकां पहुंच गई है. भंडारा जिले में राकां को संगठन के स्तर पर मजबूत करने के लिए इस मौके को प्रफुल पटेल गंवाना नहीं चाहते. वह चाहते कि राकां को महत्वपूर्ण भूमिका मिले. जिससे इस बात की संभावना काफी बढ़ गयी है कि जिप अध्यक्ष यह राकां का हो सकता है. यही कारण है कि मौके की नजाकत को समझते हुए राकां नेता प्रफुल सोमवार रात का नागपुर में पहुंचे. वे भंडारा जिले की जिप चुनाव पर पूरी तरह से नजर रखे हुए है.

    सूत्र यह भी बताते है कि नाना को सत्ता से बाहर रखने की योजना में राकां एवं भाजपा के साथ में आने पर दोनों दलों के नेता राजी हुए है. लेकिन वहीं कुछ नेताओं की यह राय है कि विरोधी धुरी के दल के साथ जाने की बजाए भाजपा बेमेल गठबंधन से दूर ही रहना चाहिए.

    आज तय होगा आगामी चुनाव का एजेंडा

    कुछ समय बाद में जिले में नगर परिषद के चुनाव होने है. मंगलवार 10 मई को भंडारा में जो कुछ भी होगा. उसका असर आगामी चुनाव पर देखने को मिलेगा. संक्षेप में नप चुनाव का एजेंडा 10 मई को ही तय होने जा रहा है.

    अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का चुनाव कार्यक्रम

    10 मई को भंडारा जिला परिषद के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा जिलाधिकारी संदीप कदम ने की है. इसके अनुसार 10 मई को भंडारा जिला परिषद के नवनिर्वाचित सदस्यों की विशेष सभा बुलाई गई है. सभा के सम्मुख अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का पद का चुनाव करना यह मुख्य कामकाज होगा.

    10 मई को सुबह 11 बजे से 12 बजे के दौरान नामांकन पत्र स्वीकार किए जाएंगे. दोपहर 2 बजे विशेष सभा प्रारंभ होगी. दोप. 2 बजे से 2.15 बजे के दौरान नामांकन पत्रों की छंटनी होगी. इसके पश्चात दोप 2.15 से 2.30 बजे के दौरान उम्मीदवारी को वापस लिया जा सकेगा. आवश्यक होने पर 2.30 बजे मतदान लिया जाएगा.

    पहचान पत्र के बाद मिलेगा प्रवेश

    जिप अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक दलों ने अपने अपने जिप सदस्यों को छुट्टी मनाने के लिए रवाना किया था. यह सभी सदस्य चुनाव के ठीक पहले जिप परिसर में दाखिल होंगे. चुनाव को लेकर जिला प्रशासन ने अपने स्तर पर तैयारी की है. जिसमें उपस्थित रहने वाले जिप सदस्य एवं पंस के सभापतियों को पहचान पत्र की जांच के पश्चात ही प्रवेश दिया जाएगा. इसलिए जिलाधिकारी संदीप कदम ने आह्वान किया है कि जनप्रतिनिधि यह अपने साथ में ड्रायविंग लायसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट या आधार कार्ड अवश्य रखें.

    52 सदस्यीय भंडारा जिप में सत्ता स्थापना के लिए 27 सदस्यों की जरूरत है. इसमें 21 सीटें लेकर सबसे बडी पार्टी के रूप में कांग्रेस का सत्ता में आने का दावा मजबूत है. कांग्रेस को अगर राकां के 13 सदस्यों को साथ मिल जाए तो संदेश दिया जा सकेगा कि महाआघाडी में कोई अनबन नहीं है. भाजपा के 12 सदस्य है, शिवसेना 1, वंचित बहुजन आघाडी 1, बसपा 1, निर्दलीय 3 ऐसे कुल 52 सदस्य है. राकां अगर साथ नहीं देती तो कांग्रेस को 6 सदस्य जुटाने के लिए मशक्कत करनी पडेगी. राकां अगर रूठ जाए तो किंगमेकर भाजपा बनेगी. वही तय करेगी कि अध्यक्ष किसका बनेगा.