पहले मानसून पूर्व बारिश, अब मानसून ने फेरा मुंह; जिले में एक प्रश भी नहीं हुई वर्षा, किसानों को बारिश की प्रतीक्षा

    बुलढाना. एक ओर जहां राज्य भर में मानसून पूर्व बारिश ने धुआंधार आगमण किया, वहीं दूसरी ओर बुलढाना जिले में पहले मानसून पूर्व बारिश ने और अब मानसून की बारिश ने मुंह फेर लिया है. जिसके कारण बुआई की प्रतीक्षा कर रहे किसानों में नाराजगी देखी जा रही है. जून माह में इस वर्ष प्रति वर्ष होने वाली वर्षा की तुलना में 35 प्रतिशत से कम वर्षा होने का अनुमान मौसम विभाग ने व्यक्त किया था. यह अनुमान अब शत-प्रतिशत सच होता नजर आ रहा है.

    जिले में बारिश के लिए आवश्यक भौगोलिक स्थिति नहीं होने के कारण मानसून पूर्व बारिश व मानसून की बारिश ने अब तक बुलढाना जिले में कदम नहीं रखे हैं. इसकी एक वजह जिले में बढ़ता तापमान भी बताया जा रहा है. दूसरी ओर 11 जून के पश्चात जिले में कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना मौसम विभाग द्वारा व्यक्त की जा रही है. जिले में इस साल करीब 7,34,772 हेक्टर क्षेत्र पर खरीफ की बुआई का नियोजन किया गया है. जिसके लिए आवश्यक खाद व बीज किसानों ने खरीद लिया है.

    एक प्रतिशत भी नहीं हुई वर्षा

    जून माह की 8 तारीख बीत जाने के बाद भी अब तक बारिश का आगमन नहीं हुआ है. पिछले साल की तुलना में इस बार शून्य प्रतिशत बारिश दर्ज की गयी है. जबकि पिछले साल 8 जून तक 7.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी. उल्लेखनीय है कि जिले में हर साल कुल 761.6 मिमी बारिश दर्ज की जाती है.

    परियोजनाओं में केवल 32.38 प्रश जलासंचय

    जिले की बड़ी, छोटी तथा अत्यधिक छोटी परियोजनाओं में 32.38 प्रतिशत ही जलसंचय बचा हुआ है. छोटी परियोजनाओं में केवल 10.56 प्रश जल शेष है. बढ़ते तापमान की वजह से इस पानी का बाष्पीकरण तेजी से हो रहा है. जिसके कारण परियोजनाओं में पानी का स्तर तेजी से घट रहा है.

    बुआई की जल्दबाजी न करे किसान

    जिले में बारिश नहीं होने के कारण कई किसान बुआई से दूर है. किंतु कुछ जगहों पर बारिश पूर्व बुआई करने की परंपरा चली आ रही है. पिछले कुछ समय से जिले का तापमान तेजी से बढ़ रहा है. मानसून पूर्व यदि किसान बुआई करते हैं तो इस तापमान के कारण बुआई का नुकसान उठाना पड़ सकता है.  इसलिए जब तक अच्छी बारिश ना हो तब तक किसान बुआई की जल्दबाजी न करें. यह आहवान कृषि विभाग की ओर से किया गया है.