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    खामगांव. धोखाधड़ी मामले में दायर याचिका पर मुंबई उच्च न्यायालय के नागपुर खंडपीठ ने सीआईडी एवं बुलढाना पुलिस विभाग को नोटीस जारी कर दो सप्ताह में जवाब प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं. अशोक रक्ताले ने यह याचिक दायर की हैं, सेवानिवृत्ती से मिली राशि से उन्होंने एक भूखंड खरीदी किया था, पश्चात उन्होंने फेरफार कर संपत्ति के कागजपत्र पर नाम चढाने के लिए संबंधित विभाग में आवेदन किया.

    उन्हें एक वकील के जरिए नोटीस प्राप्त हुआ, जिसमें आपके मालकी का भूखंड आरोपी ने एक व्यक्ति को बेचा हैं, पश्चात उन्होंने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. बुलढाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 420, 34 तहत मामला दर्ज किया था. मुख्य आरोपी को सत्र न्यायालय ने गिरफ्तारी पूर्व जमानत मंजूर की. आरोपी की जमानत रद्द की जाए, ऐसी विनती अशोक रक्ताले ने नागपुर खंडपीठ को याचिका व्दारा की. अपराध 2019 में दायर किए जाने पर आज तक आरोपपत्र दायर नहीं किया गया.

    इस मामले में आरोपपत्र दायर किया जाए, ऐसी विनती वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से की गयी. लेकिन उन्होंने आरोपपत्र दायर नहीं किया. इस मामले की जांच बुलढाना पुलिस व्दारा निकालकर सीआईडी के जरिए की जाए, ऐसी विनंती भी याचिकाकर्ता ने की. न्यायमूर्ति सुनील शुक्रे एवं अविनाश घारोटे की खंडपीठ ने इस याचिका पर सुनाई हुई. याचिकाकर्ता का कहना सुनने के बाद खंडपीठ ने उक्त आदेश दिए हैं.