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प्रतीकात्मक तस्वीर

    • पिता के सामने पुत्र तालाब में डूबा

    चंद्रपुर. जिले के राजुरा तहसील के चुनाला गांव में एक युवक और तहसील के बोडखा गांव में किसान ने अपने खेत में आत्महत्या कर ली. उपरवाही में बैलगाडी पलटने से पानी में गिरने से पिता के सामने पुत्र की मौत हो गई. सौभाग्य से पिता बाल बाल बच गया है. 

    राजुरा तहसील के चुनाला गांव में नामदेव जगन्नाथ उइके  (37) ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मजदुरी करने वाले नामदेव का पत्नी के साथ झगडा हुआ था इससे उसकी पत्नी मायके चली गई थी. इससे निराश होकर उसके आत्महत्या करने की अशंका व्यक्त की जा रही है. बोडखा गांव निवासी मधुकर धोंडूजी पायघन (49) ने अपने खेत में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.

    मधुकर के पास साढे तीन एकड खेती है. उस पर एक बैंक का डेढ लाख रुपए का कर्ज था. किंतु फसल पर लगी बोंडइल्ली और रोग की वजह से बराबर पैदावार न होने से वह कर्ज नहीं लौटा पा रहा था. इसकी वजह हताश होकर किसान ने आज दोपहर 12 बजे खेत के पेड में फांसी के फंदे पर झूल गया. सूचना के आधार पर राजुरा पुलिस ने शव का पंचनामा बना पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

    पिता के सामने पुत्र को जलसमाधी

    पिता के साथ फसलों पर कीटनाशक छिडकाव के लिए पानी लाने के लिए पिता और पुत्र बैलगाडी से पास के तालाब पर गए थे. किंतु बैलगाडी का संतुलन बिगडने से बैलगाडी पलटी हो गई और दोनों पानी में गिर गए. पिता को तैरना आता था तो वह निकल गया किंतु पुत्र गहरे पानी में डूब गया.

    यह घटना 12 सितंबर को उपरवाही में घटी है. उपरवाही निवासी किसान किसन मटाले अपने 17 वषी्रय पुत्र पवन को लेकर बैलगाडी में ड्रम रखकर पास के तालाब से पानी लाने गया था. पानी भरते समय अचानक बैलगाडी का संतुलन बिगडने से गहरे पानी में चले गए. पिता को तैरना आता था तो वह बाहर निकल आया उसने पुत्र को तलाश किया.

    किंतु उसका पता नहीं चल सका. अंत में उसने ग्रामीणों को सूचना दी सूचना मिलते पर पुलिस की सहायता से मृत किशोर की तलाश की गई तो उसका शव मिला. मामले की जांच राजुरा पुलिस कर रही है.