जिला परिषद समक्ष आयटक का विशाल धरना आंदोलन, योजना कर्मचारीयों की देशस्तरीय हडताल

    • सेवा में स्थायी करने की मांग
    • हजारों महिला कर्मचारीयों का सहभाग 

    चंद्रपुर. केंद्रीय कामगार संगठन द्वारा आयोजित देशस्तरिय योजना कर्मचारियों की हडताल के उपलक्ष्य में चंद्रपुर जिला परिषद कार्यालय के सामने आयटक के राज्य सचिव का. विनोद झोडगे के नेतृत्व में विशाल धरना आंदोलन किया गया. 

    देश के नागरिकों को स्वास्थ, शिक्षण, पोषाहार, रोजगार आदि मुलभूत क्षेत्र में सेवा देनेवाले केंद्र व राज्य के विभिन्न योजना में मानधन पर कार्य करनेवाले कर्मचारीयेां का समावेश है. इसमे राष्ट्रीय स्वास्थ अभीयान के आशा वर्कर व गट प्रवर्तक कर्मचारी, मध्यान्ह भोजन योजना के शालेय पोषाहार कर्मचारी, एकात्मिक बालविकास सेवा योजना के आंगणवाडी सेविका सहायक, उमेद अंतर्गत काम करनेवाले आय.सी.आर.पी.महिला कर्मचारी, मनरेगा ग्रामरोजगार सेवक, बालकामगार, शिक्षण प्रकल्प के शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मचारी, अंगणवाडी, पोषाहार आपुर्ति आदि का योजना कर्मचारीयेां में समावेश था. 

    सरकारी योजनाओं में सेवा दे रहे मनूष्यबल में महिलाओं की संख्या अधिक है. सभी कर्मचारी सरकारी सेवा में होने के बावजुद उन्हे सरकार ने कर्मचारी दर्जा, किमान वेतन, सामाजिक सुरक्षा लाभ से वंचित रखने का आरोप केंद्रीय ट्रेड युनियन ने किया है. उन्हे मूलभूत अधिकार देने हेतु चंद्रपुर जिला परिषद के सामने आय टक के नेतृत्व में विशाल धरना आंदोलन किया. 

    योजना कर्मचारीयों को कर्मचारी के तौर नियुक्त करने, किमान 21,000 रू. वेतन, 10 हजार रुपये पेन्शन, ई. एस.आय., पि. एफ. लागू करने, शापोआ कर्मचारीयों को 12 महिनों का मानधन लागु करने, कंत्राटीकरण अथवा सेंट्रल किचन पद्धत बंद करने, योजना कर्मचारीयेां का प्रश्न हल करने हेतु सभी क्षेत्र के फेडरेश, कृति समिति समेत मंत्रालय व जिलास्तर पर प्रशासकीय लेवल पर बैठक लेकर सभी स्थानीय समस्या का निपटारा करने, शापोआ कर्मचारीयो को पिछले डेढ वर्ष पहले दो हजार रुपये मानधन वृध्दी देने का आश्वासन दिया था.

    उसपर अंमल करने, आशा वर्कर व गट प्रवर्तक कर्मचारी को मासिक कोरोना भत्ता अक्टुबर से पूर्ववत करने, उमेद अंतर्गत सभी आय.सी.आर.पी महिला कर्मचारीयों के पिछले 18 महिनों का बकाया वेतन त्वरित देने की मांगे जिप सीईओ के माध्यम से प्रधान मंत्री व मुख्यमंत्री को सोपे गए ज्ञापन में की है. 

    आंदोलन में आय. टक. के राज्य सचिव का. विनोद झोडगे, संतोष दास, प्रा. नामदेव कनाके, प्रदीप चीता डे, राजू गैनवार, आशा वर्कर व गट प्रवर्तक कर्मचारी संगठन के जिला सचिव ममता भिमटे, शहर सचिव सविता गटलेवार, निकिता निर, शालू लांडे, शकुंतला खोके, सुनंदा  मुलमुले, छबू मेश्राम, मीना चौधरी ,गट प्रवर्तक संगइन की सविता बोबडे, लता रामटेके, अंगणवाडी कर्मचारी संगठन की रेखा रामटेके, शालेय पोषण आहार कर्मचारी युनियन की वनिता कुंठावार, श्रीधर वाढई, कुंदा कोहपरे, कल्पना रायपूरे, छाया मोहितकर, वनिता वासेकर, सुनंदा बेलेकर, उमेद संगठन की वैशाली धोटे समेत जिलेभर के हजारो महिला योजना कर्मचारी उपस्थित थे. 

    27 सितम्बर को किसान आंदोलन को समर्थन देने हेतु संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से आयोजित भारत बंद आंदोलन में सभी आयटक के नेतृत्व में योजना कर्मचारी सहभागी हो रहे है. तहसील कार्यालय समोर निदर्शन कर तहसीलदार के माध्मम से प्रधानमंत्री को ज्ञान देकर किसान विरोध के तीन काले कानुन रद्द कराने की मांग की जायेगी. 

    विनोद झोडगे, राज्य सचिव, आयटक