सीटीपीएस उर्जानगर वसाहत में मौजुद बाघ व तेंदुआ का तत्काल बंदोबस्त करे, अन्यथा तिव्र आंदोलन

    • तीन शावकों समेत बाघिन का वास्तव्य 

    चंद्रपुर. महाऔष्णिक बिजली केंद्र की वसाहत की ओर जाने के लिए नागपुर रोड से रिंगरोड मार्ग से वसाहत जाना पडता है. परिसर के दोनो और नाला है व यह परिसर जंगल से व्याप्त होने से वाघों का अस्तित्व है. इस परिसर में 3 शावक व बाघिन मौजूद है. यहां लगातार बाघ व तेंदुआ के हमले हो रहे है जिससे परिसर में बाघ की दहशत है. सीटीपीएस उर्जानगर वसाहत में मौजुद बाघ व तेंदुआ का जल्द से जल्द बंदोबस्त करने की मांग रायुकां जिलाध्यक्ष नितीन भटारकर ने मुख्य वनसंरक्षक को भेजे गए ज्ञापन में की है. अन्यथा राकां की ओर से तिव्र आंदोलन करने का इशारा दिया है. 

    ज्ञापन में उन्होने कहां की, उर्जानगर वसाहत कालोनी के आसपास कई गांव व बस्तीयां है. यह बस्तीयां व कालनी ताडोबा से सटकर होने से हमेशा बाघ, तेंदुआ व भालु का मुक्त संचार होता है. कई बार बाघ, तेंदुआ व भालू द्वारा हमले होने से कईयों को जान गवानी पडी. परंतु इस ओर वनविभाग शिकायत के बावजूद अनदेखी कर रहा है. 

    आशिया खंड का सबसे बडा महाऔष्णिक बिजली केंद्र चंद्रपुर उर्जानगर परिसर में वाघ व तेंदुआ का अस्तित्व है. गुरूवार की शाम 6.30 बजे बाघ ने एक व्यक्ति पर हमला कर उसे घायल कर दिया. इस तरह के हमले बार_बार हो रहे है. इसके पहले भी उर्जानगर परिसर में तेंदुआ ने हमला कर एक 5 वर्षिय बालिका की जान ली थी.

    उर्जानगर बस्ती में बाघ, तेंदुआ व भालु का अस्तित्व होने से उन्हे जल्द से जल्द पिंजरे में कैद करने की उपाययोजना कर तत्काल वनविभाग की चौकी दिए जाने की मांग की है. अन्यथा राष्ट्रवादी कांग्रेस की ओर से तिव्र आंदोलन करने का इशारा ज्ञापन के माध्यम से दिया गया.

    शिष्टमंडल में राष्ट्रवादी युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष नितीन  भटारकर, पंचायत समिती सदस्य पंकज ढेंगारे , ग्रामपंचायत सदस्य अनुकूल खंन्नाडे, ग्रामपंचायत सदस्य अंकित ढेंगारे, शुभम आबोदकर, सौरभ  घोरपडे, अभिनव देशपांडे, ऋषभ घाटे,  अभिजीत मडावी, सौरभ घाटे, भाग्यवान झोडे, पवन मेश्राम का समावेश है.