पैगंबर मोहम्मद बिल एवं मुस्लिम समाज को आरक्षण कर मांग, वंचित बहुजन महिला आघाडी का निवेदन

    ब्रम्हपुरी. पैगंबर मोहम्मद बिल और मुस्लिम समाज को 5 प्रश आरक्षण मिलने के संदर्भ में बालासाहब आंबेडकर के आदेश अनुसार 22 नवंबर को उपविभागीय अधिकारी द्वारा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को निवेदन दिया गया. पिछले अधिवेशन में वंचित बहुजन आघाडी ने विधान परिषद सदस्य कपिल पाटिल के माध्यम से पैगंबर मुहम्मद बिल विधान परिषद में रखा था. न्यायालय द्वारा मंजूर मुस्लिम समाज के 5 प्रश शैक्षणिक आरक्षण तत्काल लागू किया जाए.

    धार्मिक भावना भडकानेवालों पर सख्त सजा प्रावधान करनेवाल पैगंबर मोहम्मद बिल के मांग का निवेदन वंचित बहुजन आघाडी ने शासन को सुपुर्द किया है. यह बिल आनेवाले अधिवेशन में मंजूर कर तत्काल कानून में तब्दील करें, महाराष्ट्र वक्फ बोर्ड की संपत्ति में वृध्दि कर इमाम, मोईजीन, खुदाम, हजरत को मासिक वेतन शुरू करे, वक्फ बोर्ड के भूमि पर अवैध कब्जा हटाकर उस जगह पर अल्पसंख्यक समाज के उन्नति के लिए उपयोग करें, संत विचारों कों प्रसार, प्रसार करनेवाले हभप कीर्तनकार को मासिक वेतन दिया जाए, सारथी, बार्टी, महाज्योति की तरह ही मुस्लिम अल्पसंख्यक समाज के विद्यार्थियों के लिए स्वतंत्र प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना करें इन सभी मांगों को लेकर वंचित बहुजन महिला आघाडी ब्रम्हपुर की ओर से उपविभागीय अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को निवेदन दिया गया.

    इस अवसर पर वंचित बहुजन महिला आघाडी तहसील अध्यक्ष लीना रामटेके, तहसील महासचिव शीतल गायकवाड, प्रतिमा डांगे, लता मेश्राम, जया सहारे, प्राप्ति गेडाम, कोषाध्यक्ष प्रेमिला पाटिल,किरण मेश्राम, अर्चना गणवीर, योगिता रामटेके, प्रीति हुमने, सुकेशनी बन्सोड, नीरूलता बन्सोड, शारदा घोनमोडे, जास्वंदा घुटके एवं अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे.

    राजुरा में भी हुआ आंदोलन

    वंचित बहुजन आघाडी तहसील शाखा राजुरा में मुस्लिम समाज के विभिन्न मांगों को लेकर तहसीलदार के माध्यम मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे को निवेदन दिया गया. 

    निवेदन में रखी गई मांगों में धार्मिक भावना को भडकाकर समाज में तनाव निर्माण करनेवाले लोगों को कडी सजा देनेवाला पैगंबर मोहम्मद बिल इस अधिवेशन में मंजूर कर तुरंत कानून बनाया जाए, न्यायालय द्वारा मंजूर 5 प्रश मुस्लिम शैक्षणिक आरक्षण तत्काल लागू किया जाए.

    महाराष्ट्र वक्फ बोर्ड की संपत्ति में वृध्दि कर इमाम मुअज्जिन और खुदाम हजरात को मासिक वेतन शुरू करें, संत विचारों का प्रसार करनेवाले हभप कीर्तनकार को शासन की ओर से मासिक वेतन शुरू करें, वक्फ बोर्ड की भूमि पर हुए अवैध कब्जे हटाकर उस जगह का अल्पसंख्यक समाज के उन्नति के लिए उपयोग करे.

    सारथी-बार्टी- महाज्योति की तरह मुस्लिम अल्पसंख्यक समाज के विद्यार्थियों को स्वतंत्र प्रशिक्षण संस्था की स्थापना करें. उक्त मांगे पूर्ण करने की मांग वंचित बहुजनन आघाडी की ओर से मांग की गई है.

    इस अवसर पर प्रमुखता से तहसील अध्यक्ष सुशील मडावी, तहसील महासचिव प्रणित झाडे, सदानंद मडावी,राजुरा शहर महासचिव अभिलाश परचाके, एवं बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज शामिल थे. इसमें मो. सादिक शेख, फैज खान, शेख हुसैन,अकरम खान, असलम चाऊस, जलाल बियाबानी, संतोष कुलमेथे, घनश्याम मेश्राम आदि उपस्थित थे.