किताबों के अभाव से विद्यार्थियों का भविष्य अंधेरे में, स्कूली छात्रों को जल्द से जल्द किताबों का वितरण करे

    • विमाशिसं की मांग 

    चंद्रपुर. राज्य सरकार की ओर से कक्षा पहली से आठवी तक के विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष शिक्षा सत्र शुरू होने के पहले किताबे दी जाती है. परंतु इस बार विदर्भ का शिक्षा सत्र 26 जुन से शुरू होने के बावजूद विद्यार्थियों को नि:शुल्क किताबों का वितरण नही हुआ है. जिससे विद्यार्थियों का भविष्य अंधेरे में होने का आरोप विमाशिसं के सरकार्यवाह अडबाले ने किया है. इस संदर्भ में जल्द से जल्द नि:शुल्क किताबे उपलब्ध कराने की मांग विमाशि संघ ने जिप शिक्षाधिकारी के माध्यम से राज्य के शालेय शिक्षामंत्री व शिक्षण आयुक्त को भेजे गए ज्ञापन में की है.

    राज्य के जिला परिषद, नगरपालिका, महानगरपालिका, दिव्यांग स्कूल,  निजि अनुदानित, अंशतः अनुदानित आदि स्कूल के कक्षा 1 ते 8वी तक के विद्यार्थियों को राज्य सरकार की ओर से नि:शुल्क किताबे दी जाती है. परंतु कोविड संक्रमण के चलते राज्य तथा विदर्भ के विभाग की सभी स्कूले बंद होने से विद्यार्थियों को नि:शुल्क किताबे वितरित नही की गई.

    स्कूल बंद होने से आनलाईन शिक्षा दी जा रही है. कई विद्यार्थियों के पास मोबाईल, लैपटाप, काप्युटर सेवा उपलब्ध नही होने से आनलाईन शिक्षा लेते समय कई दिक्कतों का सामना करना पड रहा है. कई विद्यार्थी अध्यापन प्रक्रिया से दूर है. कुछ पालक वर्ग आनलाईन प्रक्रिया के खिलाफ है. तो कई विद्यार्थियों के पास किताबे नही है होने से विद्यार्थी व पालक वर्ग चिंतीत है.

    कोरेाना के  पृष्ठभूमिपर विदर्भ की स्कूलों के शिक्षा सत्र को 4 महिने लौट गए. परंतु अभी तक विद्यार्थी किताबों के बिना ही आनलाईन आफलाईन शिक्षा ले रहे है. सरकार की ओर से अबतक किताबे नही दिए जाने से जिला स्तर पर पिछले वर्ष के किताबे लेकर नए विद्यार्थियों को वह देने की सूचना स्कूलों को दी जा रही है. परंतु 50 प्रश किताबे वापस नही आने से किताबे किसे दे अथवा किसे नही यह सवाल प्रधानाध्यापक समक्ष है. किताबों के अभाव शिक्षा कैसे ले यह विद्यार्थियों के सामने बडा आह्वान है.  

    इस संदर्भ में राज्य सरकार ने पहली से आठवी तक के विद्यार्थियों को तत्काल निशुल्क किताबे देने की मांग माध्यमिक शिक्षाधिकारी के माध्यम से राज्य के शालेय शिक्षणमंत्री व शिक्षण आयुक्त को विदर्भ माध्यमिक शिक्षक  संघ के सरकार्यवाह सुधाकर अडबाले, जिलाध्यक्ष केशव ठाकरे, कार्याध्यक्ष लक्ष्मणराव धोबे, कार्यवाह श्रीहरी शेंडे, हरिहर भांडवलकर, प्रसिध्दी प्रमुख प्रभाकर पारखी आदि ने ज्ञापन के माध्यम से की है. 

    शासन की ओर से दीए जानेवाले निशुल्क किताबे जिला स्तर से स्कूल में वितरित करने के लिए वाहन भत्ता दिया जाता है. ऐसे में प्रत्येक स्कूलों में यह किताबे ना पहुचाते हुए स्कूल को केंद्रस्तर पर बुलाकर स्वयं किताबे लेकर जाने के आदेश स्कूलों को दिए जाते है. किताबे स्कूलो में पहुचाने की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की है.  

    सुधाकर अडबाले, सरकार्यवाह, विदर्भ माध्यमिक शिक्षक संघ, चंद्रपुर