बाघ के हमले में किसान युवक की मृत्यु, भयभीत लोगों की वन व पुलिस अधिकारी के खिलाफ पुलिस में शिकायत

    • कुछ देर के गांव का माहोल रोषव्याप्त 

    मूल: खेत में मवेशीयों को चराने ले गए 32 वर्षीय किसान युवक पर बाघ ने हमला किया. जिसमें किसान युवक की मृत्यु हो गई. मृतक युवक का नाम प्रमोद झुंगाजी मोहूर्ले 32 है. युवक तहसील के पडझरी का निवासी है. युवक की मृत्यु से गांव के नागरीकों में रोष निर्माण हुवा. गांव के नागरीकों ने वनअधिकारी समक्ष बाघ का बंदोबस्त करने की मांग करने के बावजूद वनविभाग अधिकारीयों द्वारा कदम नही उठाने से गांव के नागरीकों ने वनविभाग अधिकारी व पुलिस अधिकारी के खिलाफ पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की. 

    मूल तहसील के भादुर्णी गट ग्राम पंचायत अंतर्गत आनेवाले पडझरी के किसान युवक प्रमोद मोहुर्ले 32 प्रतिदिन की तरह शुक्रवार की सुबह 7 बजे के बाद मवेशीयों को चराने कक्ष क्रमांक 324 के पास के खेत में ले गया. मवेशी चराते समय सुबह 11 बजे खेत के पास जंगल में शिकार में ताक में बैठे बाघ ने प्रमोद पर अचानक हमला किया. बाघ ने प्रमोद को खिचकर जंगल ले गया. यह घटना पास के खेत में कार्य करनेवाले चरवहैया को ध्यान में आते ही अन्य गांववासियेां को इसकी सूचना दी. घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामवासियों ने जंगल की ओर दौडे. जंगल में प्रमोद की तलाशी ली गई. जंगल में प्रमोद मोहुर्ले का शव दिखाई दिया.

    घटना की जानकारी वनविभाग अधिकारी व कर्मचारी तथा पुलिस अधिकारी सहयोगीयों के साथ घटनास्थल पहुचे. प्रमोद के शव का पीएम के लिए मूल के उपजिला अस्पताल में भेजा. घटनास्थल यह ताडोबा अंधारी परियोजना के बफर क्षेत्र के बफर क्षेत्र में आने से आसपास घने जंगल है. इसलिए आसपास के परिसर में अन्य वन्यप्राणियों का अधिवास है. परिसर में इसके पहले भी 4 व्यक्ति व 10 से 12 जानवरों की बाघ के हमले में जान गयी है.

    बाघ के हमलों को देखते हुवे खेतों से सटे जंगल में नागरिकों को ना जाने का वनविभगा ने फलक लगाया है. नागरीक वनविभगा के इस आदेश का पालन कर रहे है. परंतु अब वन्यप्राणी गांव व खेतों में आकर लोगों पर हमला कर रहे है. जिसमें उन्हे जान गवाना पड रहा है ऐसे में किसान खेती कार्य कैसे करे? ऐसा सवाल किसानों के सामने निर्माण हुवा है.

    बाघ के हमले में मृत्यु हुवे लोगों के परिवार को वनविभगा की ओर से आर्थिक सहायता दी जा रही है फिर भी घर के मुख्य व्यक्ति की जान जाने से संपूर्ण परिवार पर निराधार का जीवन जीने का संकट आया है. इसलिए हमलावर बाघ का त्वरित बंदोबस्त करने की मांग परिसर में जोर पकड रही है. कुछ दिन पहले पूर्व मंत्री शोभा फडणवीस ने वनविभाग को बाघ के बंदोबस्त करने अन्यथा जंगल को जलाने का अल्टीमेटम वनविभगा को दिया था. इस अनुसार वनविभगा की ओर से उपाययोजना किए जा रहे है. परंतु फिर भी बाघों के हमले जारी रहने से नागरीकों में रोष फैल रहा है.   

    घटनास्थल पहुचे वनविभगा व पुलिस अधिकारीयों ने ग्रामवासी समक्ष घटनास्थ व शव का पंचनाम व पुछताछ ना कर शव को पीएम के लिए अस्पताल ले गए. प्रशासन के दोनों अधिकारीयों का यह कृत्य गैरकानुनन होने तथा ग्रामवासियों को विश्वास में ना लेने से परिसर में सरपंच व ग्रामवासियों ने दोनों विभागों के संबंधित अधिकारी के खिलाफ मूल पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की. 

    घटना की जानकारी मिलते ही सहयोगीयों के साथ घटनास्थल पहुचे. तब ग्रामवासियों ने वनविभाग के खिलाफ रोष व्यक्त किया. इसके पहले भी बाघ के हमले में मृत्यु हुवे व्यक्तिओं के परिवार को वनविभाग ने 25 हजार से अधिक आर्थिक राशी नही दिए जाने का आरोप गांववासियों ने किया है.

    सहायता नही देने से वनविभाग जनता की भावनाओं से खिलवाड कर रही है. इसलिए वनविभाग ने मृतक के परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता देनी चाहिए. निराधार परिवार के वारीस को वनविभगा रोजगार उपलब्ध कराए. जंगल से सटे गांववासियों को वन्यप्राणियों से सुरक्षा प्रदान कराने मांग राज्य के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री व पालकमंत्री से ज्ञापन के माध्यम से की है. 

    संतोष सिंह रावत, अध्यक्ष, सीडीसीसी बैंक चंद्रपुर 

    बफर क्षेत्र का सांतवा बली  

    मूल तहसील में पिछले 1 वर्ष में अर्थात मई 2021 से जुन 2022 में मूल तहसील के बफर जोन में बाघ के हमले में 7 जन की मृत्यु हुवी है. 4 मई 2021 को जानाला की वनिता गेडाम (45), 23 मई 2021 को आदर्शखेडा के मनोहर प्रधाने, मूल वनपरिक्षेत्र में 11 मई 2021 को चिरेाली नियतक्षेत्र कक्ष क्रमांक 718 में जानाला निवासी किर्तीराम देवराव कुलमेथे पर हमला करने से उसकी मृत्यु हो गई. 10 अक्टुबर 2021 को चिचोली निवासी राजेंद्र ठावरे(42), 30 अप्रैल 2022 को अदर्शखेडा निवासी गजानन गुरनुले (62), 15 मे 2022 को भादुर्णा निवासी खुशाल सोनुले व शुक्रवार 10 जुन को प्रमोद मोहुर्ले पर बाघ के हमले से उसकी मृत्यु हो गई.