जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के साथ धोखाधडी, गर्भवती महिलाओं की महिला कांग्रेस को मिली शिकायते

    frचंद्रपुर. जिला सरकारी अस्पताल में रेडीओलाजी विभाग में झोल व्यवहार चल रहा है. अस्पताल में डाक्टरों की कमी चलते शहर के निजि डाक्टर सरकारी अस्पताल में सेवा दे रहे है. इसी बीच सरकारी अस्पताल में सेवा दे रहे निजि डाक्टर 7 महिने के गर्भवती महिलाओं को जनवरी महिने की स्वयं के निजि अस्पताल में अपाईमेंट देने का मामला महिला कांग्रेस ने उजागर किया है. 

    शहर के एक निजि डाक्टर सरकारी अस्पताल में अंशकालिन सेवा दे रहे है. शासकीय अस्पताल की सोनोग्राफी मशीन बंद है. इसलिए शासकीय अस्पताल में आनेवाली गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी संबंधित डाक्टर स्वयं के निजि अस्पताल में कराते है. इस दौरान वह 6, 7 इतनाही नही तो 9 महिने के गर्भवती महिला को जनवरी महिने की तारिक देते है. शासकीय अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन बंद होने से महिलाओं को निजि अस्पताल में सोनोग्राफी करने के सिवाय दूसरा पर्याय नही रहता. 

    इस संदर्भ में अस्पताल के कुछ गर्भवती महिलाओं ने इसकी शिकायत महिला कांग्रेस के पास करने पर महिला कांग्रेस टीम ने जिला अस्पताल के सोनोग्राफी विभाग में जाकर मशीन बंद रहने का जवाब मांगा. तब यह पूरा मामला सामने आया. महिला कांग्रेस टीम ने अधिक जानकारी निकालने पर सरकारी अस्पताल में डाक्टर की कमी के चलते निजि डाक्टरों से आफ द रेकार्ड समझौता किया जाता है.

    शासकीय अस्पताल के कुछ निजि डाक्टर स्वयं के निजि अस्पताल में महिलाओं की सोनोग्राफी कराते है. गरिबो के लिए होनेवाले सरकारी अस्पताल में निजि डाक्टर गरिब गर्भवती महिलाओं के साथ धोखाधडी करते है ऐसा आरोप महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस की नम्रता आचार्य ठेमस्कर ने लगाया है. 

    इस संदर्भ में पालकमंत्री विजय वडेट्टीवार से शिकायत करने की जानकारी नम्रता आचार्य_ठेमेस्कर ने दी. इस समय नम्रता ठेमस्कर समेत जिला सेवा फाउंडेशन की जिलाध्यक्ष शीतल कातकर, सेवादल महिला काँग्रेस की  अध्यक्षा स्वाती त्रिवेदी, लता बारापात्रे आदि उपस्थित थे.