हिंसक जानवरों के हमले में 18 की मौत 50 घायल, मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने पालकमंत्री की सीएम संग बैठक

    • जंगल व्याप्त हर गांव को 25 लाख देने की मांग

    चंद्रपुर. चंद्रपुर जिले में हिंसक जानवरों की संख्या अधिक होने से मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं होती रहती है. इस वर्ष जनवरी से अब तक हिंसक जानवरों के हमले में 18 लोगों की मौत हो 50 से अधिक घायल हो चुके है. इसलिए मानव वन्यजीव संघर्ष कम करने के लिए उपाय योजना के संबंध में पालकमंत्री विजय वडेट्टीवार की अगुवाई में मुंबई में मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई.

    बैठक में मुख्यमंत्री को जानकारी देते हुए पालकमंत्री वडेट्टीवार ने कहा कि ब्रम्हपुरी, सिंदेवाही और सावली क्षेत्र में 117 से अधिक बाघ है. हिसंक जानवरों के हमले रोकने के लिए तीनों तहसील के जंगल व्याप्त गांव परिसर में चेनलिंग फेंसिंग लगाने की मांग ग्रामीणों ने की है. ब्रम्हपुरी, सिंदेवाही तहसील के जंगल व्याप्त गांव के लिए 38 करोड 69 रुपए का प्रस्ताव तथा सावली तहसील के नवीण्यपूर्ण योजना अंतर्गत जंगल से सटे गांव के 40 करोड रुपए के मांग का प्रस्ताव शासन को प्रस्तुत किया गया है.

    मानव वन्यजीव संघर्ष कम करने डा. श्यामाप्रसाद मुखर्जी जन वन विकास योजना अंतर्गत खेत में सोलर फेंसिंग लगाना, जंगल व्याप्त हर गांव को 25 लाख रुपए की निधि उपलब्ध कराना, परिसर के बाघों को स्थानांतरित करना, जन वन विकास योजना की व्याप्ती बढाकर सावली तहसील को समाविष्ट करना, इको टूरिज्म के रुप में परिसर विकास के लिए निधि उपलब्ध कराना, हिंसक जानवरों की दहशत से जंगल व्याप्त गांव में खेती नहीं कर सकते है इसलिए किसानों को प्रति एकड 10,000 रुपए आर्थिक सहायता देना, डा. श्यामाप्रसाद मुखर्जी जन वन विकास योजना की व्याप्ती बढाकर 150 गांव का समावेश करने की मांग पालकमंत्री ने की.

    मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने निर्देश दिया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के उद्देश्य से चंद्रपुर जिले के संवेदनशील गांवों में किसानों को व्यक्तिगत सौर बाड़ लगाने की योजना के लिए जल्द से जल्द दिशा-निर्देश जारी किए जाएं. उन्होंने अतिरिक्त निधि के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी. वर्तमान में 939 गांव जन वन विकास योजना के अंतर्गत आते हैं और कुछ और गांवों को योजना में शामिल किया जाना चाहिए. जिन गांवों के पास बाघ घूमते दिखाई देते है इसलिए खेती नहीं की जा सकती, वहां बांस, फलों के पेड़ और चारा लगाने की योजना बनाई जानी चाहिए.

    डा. श्यामाप्रसाद मुखर्जी जन वन विकास योजना में जंगल से सटे पांच संवेदनशील गांवों में प्रायोगिक आधार पर वन सीमा पर लोहे की बाड़ लगाई जाए. चंद्रपुर जिले में 218 स्थानों पर सोलर बोरवेल का निर्माण किया जाए. ताकि इस जलाशय के कारण वन्य जीवों के पीने के पानी की समस्या का समाधान हो इसके लिए लगने वाली 6 करोड रुपए की निधि को मुख्यमंत्री ने मंजूरी दी.

    बैठक में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव आशिषकुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव विकास खारगे, विभाग के प्रधान सचिव वेणुगोपाल रेड्डी,  प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) सुनील लिमये उपस्थित थे. र प्रधान मुख्य वन संरक्षक- वनबल प्रमुख जी. साईप्रकाश, चंद्रपुर के मुख्य वनसंरक्षक एन. प्रवीण, जिलाधीश अजय गुल्हाने जिल्हाधिकारी अजय गुल्हाने आनलाईन शामिल हुए.